
भोपाल। एटीएस ने जिला कोर्ट में सोमवार को संदिग्ध आतंकी संगठन के आरोपी इजहार उल हक को पेश किया. कोर्ट ने आरोपी इजहार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. एटीएस की पूछताछ में आरोपी इजहार ने देशविरोधी गतिविधियों को लेकर कई एहम खुलासे किए हैं.
सामने आ रही जानकारी के मुताबिक एटीएस की रिमांड पर बिहार के मधुबनी से पकड़े गए आरोपी इजहार उल हक ने पूछताछ में यह खुलासा किया है कि वह पाकिस्तानी टेरर ग्रुप से जुड़ा था. इजहार के तरह ही इस ग्रुप से जुड़े लोग ‘मिशन 2047’ के लिए काम कर रहे थे. सूत्रों के मुताबिक एटीएस की जांच में यह भी टेरर ग्रुप से जुड़े आरोपियों का इरादा देश में तख्ता पलट कर पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के एजेंडे को साल 2047 तक देश में लागू करना है. एटीएस ने संदिग्ध आतंकी संगठन के अबतक चार आरोपियों को देश के अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया है. आरोपियों से अब तक हुए खुलासे में यह सामने आया है कि देशभर में संदिग्ध आतंकियों को टेरर ग्रुप की तरफ से तैयार किया जा रहा है. यह तैयार होने वाले आतंकी सही समय के इंताजर में भी हैं. देश में दख्ता पलट को लेकर इनको तैयार किया जा रहा है. एटीएस की पूछताछ में इजहार ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स की तरफ ऐसा करने के लिए सभी को भरोसा भी दिलाया गया है और कसम भी दिलाई गई है. गिरफ्तार हुए आतंकियों का मकसत था कि देश में डर का माहौल पैदा करें. एटीएस ने 22 जून तक आरोपी इजह को रिमांड पर लिया था. आरोपी से कई एहम खुलासे होने के बाद भोपाल कोर्ट ने उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है.
इजहार से पहले भोपाल से गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्ला फिलहाल जेल में है. इसके साथ ही देवबंद से गिरफ्तार आरोपी नईम अब्दुल्ला कुरैशी और राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार आरोपी शाकिर मेव को भी जेल भेजा गया. आरोपी इजहार उल हक से तीन तक एटीएस की टीम ने पूछताछ की. मामले में एटीएस की जांच जारी है.
