गुना में बारिश का तांडव, 24 घंटे में गिरे 6 इंच से अधिक पानी जनजीवन अस्त-व्यस्त, बिजली-पानी ठप

गुना। जिलेभर में मानसून की झमाझम बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार शाम से शुरू हुई तेज बारिश का सिलसिला सोमवार सुबह तक थमा नहीं और बीते 24 घंटे में करीब 6 इंच (143.1 मिमी) बारिश दर्ज की गई। इस भीषण बारिश के कारण गुना शहर के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नीचली बस्तियों में पानी भरने से लोगों के घरों में जलभराव हो गया है और कुछ इलाके जलमग्न होकर टापू में तब्दील हो चुके हैं। रविवार रात से जारी भारी बारिश के कारण पूरे गुना शहर में बिजली आपूर्ति पूरी रात बाधित रही। जलभराव के चलते म्याना सहित कई क्षेत्रों में विद्युत उपकेंद्रों में पानी भर गया, जिससे बिजली बहाली की कोशिशें भी टल गईं। शहर में रातभर अंधेरा छाया रहा और सोमवार सुबह होते ही पेयजल आपूर्ति भी पूरी तरह ठप हो गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बारिश के कारण जिले की सडक़ें और यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। गुना शहर और आसपास के रेलवे अंडरब्रिजों में जलभराव के चलते कई मार्ग बंद हो गए हैं। म्याना क्षेत्र में तो हालात और भी विकराल हो गए जब वहां के रेलवे अंडरब्रिज में एक बड़ा ट्रक आधा डूब गया। इसी क्षेत्र से गुजरने वाला अशोकनगर, नइसराय और उप-ललितपुर मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, जिससे क्षेत्र के लोग आवाजाही के लिए परेशान हो रहे हैं। धरनावदा गांव की हालत सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। यहां गांव का एक हिस्सा चारों ओर से पानी से घिर गया है और वह पूरी तरह से टापू में तब्दील हो गया है। प्रशासन ने इस क्षेत्र में राहत एवं बचाव दल की आवश्यकता जताई है, ताकि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके और आवश्यक वस्तुएं मुहैया कराई जा सकें।

इधर, मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात और गंभीर होने की आशंका है। जिलेभर की छोटी-बड़ी नदियां और नाले उफान पर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई पुलों और सडक़ों पर पानी बहने से आवाजाही बाधित हो गई है। कुछ स्कूलों में भी सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया गया, ताकि बच्चों को खतरे से बचाया जा सके। प्रशासन की ओर से लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है। नगर पालिका, विद्युत विभाग और आपदा प्रबंधन दल को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं, लोगों से अपील की गई है कि वे नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। बारिश का यह दौर जहां खेतों और फसलों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है, वहीं जनजीवन पर इसका भारी असर पड़ रहा है।

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