
सौसर, सौंसर पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों में दुष्कर्म का मुख्य आरोपी और उसे अपने घर में कमरा उपलब्ध कराकर सहयोग करने वाले एक पुरुष व एक महिला शामिल हैं।
*गुमशुदगी से खुला दुष्कर्म का मामला*
थाना प्रभारी रूपलाल उईके के अनुसार, गत 17 जून को पीड़िता के परिजनों ने सौंसर थाने में बालिका के बिना बताए कहीं चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने आशंका जताई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। इस शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
*बयान के बाद बढ़ीं धाराएं*
जांच के दौरान 20 जून 2026 को नाबालिग बालिका अपने परिजनों के साथ थाने में उपस्थित हुई। महिला पुलिस अधिकारी द्वारा की गई पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी विनोद 26 वर्ष, पिता महादेव उपासे, निवासी बडोसा ने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)m, 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(L), 6 का इजाफा किया।
*गलत काम में सहयोग करने वाले भी दबोचे गए*
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक रुपलाल उईके के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। टी आई उईके के मुताबिक मुख्य आरोपी विनोद उपासे की गिरफ्तारी के बाद उसके मेमोरेंडम कथन से यह खुलासा हुआ कि इस घिनौने कृत्य में वार्ड नंबर 14,श्रीराम कॉलोनी, सौंसर निवासी मोहम्मद जिब्राईल 55 वर्ष, पिता मोह. इसराइल अंसारी और नूरजहाँ बेगम शेख 60 वर्ष, पति मोह. रफीक ने भी साथ दिया था। इन दोनों ने जानबूझकर अपने घर में कमरा उपलब्ध कराकर इस गलत कार्य के लिए दुष्प्रेरण और सहयोग किया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में धारा 49 बीएनएस और 17/18 पॉक्सो एक्ट भी जोड़ा।
*तीनों आरोपी भेजे गए जेल*
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विनोद उपासे को 21 जून को तथा सहयोग करने वाले आरोपी मोहम्मद जिब्राईल और नूरजहाँ बेगम शेख को 22 जून को गिरफ्तार कर लिया है। टीआई के अनुसार तीनो को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। बताया गया कि न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया।
