खंडवा: शिक्षा के प्रति समर्पण और आजीवन सीखने की प्रेरणा प्रस्तुत करते हुए खंडवा विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तनवे ने प्रधानमंत्री एक्सीलेंस ऑफ श्री नीलकंठेश्वर महाविद्यालय, खंडवा में एमएसडब्ल्यू (MSW) प्रथम वर्ष के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा में सम्मिलित होकर विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।विधायक श्रीमती तनवे ने सिद्ध किया है कि शिक्षा प्राप्त करने की कोई आयु सीमा नहीं होती। यदि किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छूट जाए तो भी दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प के साथ उसे पुनः प्रारंभ कर पूरा किया जा सकता है। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि श्रीमती तनवे ने विवाह से पूर्व अपने गृह ग्राम पालसूद माल से आठवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की थी। विवाह के बाद परिवार एवं पति के सहयोग से उन्होंने पुनः अपनी पढ़ाई जारी रखी तथा दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षाएं उत्तीर्ण कीं। इसके साथ ही उन्होंने जनपद पंचायत पंधाना की अध्यक्ष के रूप में सात वर्षों तक तथा जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में डेढ़ वर्ष तक सफलतापूर्वक दायित्व निभाया। बाद में उन्हें विधायक बनने का अवसर प्राप्त हुआ।
जनप्रतिनिधि के रूप में व्यस्त जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी और बीएसडब्ल्यू (BSW) की तीन वर्षीय स्नातक डिग्री पूर्ण की। वर्तमान में वे एमएसडब्ल्यू (MSW) की पढ़ाई कर रही हैं।श्रीमती तनवे का कहना है कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती। वे सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से आग्रह करती हैं कि यदि किसी कारण से उनकी शिक्षा अधूरी रह गई है तो वे उसे पुनः प्रारंभ कर पूर्ण करें। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पूर्व अपने जन्मदिवस पर भी उन्होंने समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया था।
उन्होंने समर्थकों और शुभचिंतकों से आग्रह किया था कि उन्हें माला या गुलदस्ते भेंट न करें। यदि कुछ देना ही चाहते हैं तो पेन और कॉपी भेंट करें, ताकि उन्हें जरूरतमंद भाई-बहनों तक पहुंचाया जा सके और उनकी शिक्षा में सहयोग मिल सके।विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तनवे का यह प्रयास शिक्षा, सेवा और सामाजिक जागरूकता का एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है।
