बर्गेनस्टॉक | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह लेबनान में अपने सहयोगी गुट हिज्बुल्लाह को आर्थिक मदद देना बंद नहीं करता, तो अमेरिका भीषण सैन्य कार्रवाई करेगा। इस धमकी के जवाब में ईरानी संसद के स्पीकर एमबी गालिबफ ने कड़े शब्दों में पलटवार किया है। उन्होंने ट्रंप के बयान को अमेरिका की हताशा करार देते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया है।
ईरान का सैन्य शक्ति प्रदर्शन का दावा
गालिबफ ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि ईरान वॉशिंगटन की खोखली धमकियों से बिल्कुल भी विचलित होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास किसी भी प्रकार के हमले का जवाब देने के लिए अपनी सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने अमेरिका को अपने बयानों में सावधानी बरतने की सलाह दी और जोर दिया कि पश्चिम एशिया में कार्रवाई का फैसला अब ईरान ही करेगा।
कूटनीतिक बातचीत और शांति प्रयास
यह तीखी बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है, जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च-स्तरीय कूटनीतिक बातचीत चल रही है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय तनाव को सुलझाने के लिए पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में चर्चा कर रहे हैं। इन प्रयासों का लक्ष्य दोनों देशों के बीच संबंधों में एक ‘नया रास्ता’ तैयार करना है, ताकि क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे संघर्ष को विराम दिया जा सके।

