तेहरान, 21 जून (वार्ता) अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए नये राजनयिक प्रयासों का आह्वान किया है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रविवार को स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू हुई।
श्री ग्रॉसी ने कहा कि इस नाजुक मोड़ पर कूटनीति को ‘सफल होने का हर मौका’ दिया जाना चाहिए। उन्होंने ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रमों और आईएईए की व्यापक भूमिका की समीक्षा के लिए स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्री इग्नाजियो कासिस से मुलाकात भी की।
श्री ग्रॉसी का यह बयान तब आया है, जब स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक रिजॉर्ट में अमेरिका-ईरान वार्ता चल रही है, जिसमें कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल भी हिस्सा ले रहे हैं। श्री ग्रॉसी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में स्थिति को संभालने के लिए निरंतर संवाद और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के महत्व पर विशेष जोर दिया। ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, इस बातचीत में ईरान श्री ग्रॉसी की कोई भूमिका नहीं देखता और उसने उनकी भागीदारी का विरोध किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका ने बैठक में उनकी मौजूदगी के लिए दबाव बनाया था, लेकिन ईरान ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। स्विट्जरलैंड में चल रहे इस दौर की चर्चा तकनीकी स्तर पर हो रही है, जिसमें पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को कहा कि स्विट्जरलैंड की मेजबानी में हो रही अमेरिका-ईरान बातचीत में वार्ताकारों ने महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है और आने वाले समय में और अधिक प्रगति की उम्मीद है। श्री वेंस ने वार्ता से पहले कहा, “हमने पिछले कुछ घंटों में काफी अच्छी प्रगति की है और मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में हम और अधिक प्रगति करेंगे।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रविवार की बातचीत पूरी तरह तकनीकी प्रकृति की है और इसका उद्देश्य पक्षों के बीच के सभी मतभेदों को सुलझाना नहीं है। उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “आज की मुलाकात वास्तव में एक तकनीकी बातचीत की शुरुआत है। इससे हर विवाद तो नहीं सुलझेगा, लेकिन इतिहास में पहली बार यह हमें टीमों के रूप में एक साथ बैठने का मौका देगी, ताकि यह समझा जा सके कि संबंधित पक्षों के लिए सबसे ज्यादा मायने क्या रखता है।”
