चंडीगढ़, 06 मार्च (वार्ता) केन्द्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को कांग्रेस द्वारा विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण का बहिर्गमन करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह राज्यपाल का अपमान है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार ने आज जो उदाहरण पेश किया है, उसकी जितनी निंदा की जाये कम है। उन्होंने मुख्य सचिव से मांग की कि उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाये, जिन्होंने राज्यपाल के भाषण के दौरान मर्यादा का उल्लंघन किया।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राजनीति और उम्र, दोनों में वरिष्ठ लोग जानते हैं कि राज्यपाल का काम सरकार द्वारा किये गये कार्यों और भविष्य की योजनाओं का लेखा-जोखा पढ़ना होता है, लेकिन आज इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि जिस ‘आम आदमी पार्टी’ की सरकार है, उसी के मंत्री और मुख्यमंत्री (जो अनुपस्थित थे), राज्यपाल के भाषण के दौरान बाहर चले गये। यह लोकतंत्र और राज्यपाल के पद की भारी तौहीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राज्यपाल सदन में बोल रहे थे, तब सरकारी जनसंपर्क विभाग (डीपीआर) ने टीवी चैनलों पर उनका भाषण कटवा दिया। इसे उन्होंने ‘मीडिया इमरजेंसी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि गंभीर भाषण को रोककर मंत्रियों के चुटकुले और हास्य वीडियो चलाये गये, जो बेहद शर्मनाक है।
श्री बिट्टू ने कहा कि 80 वर्ष की आयु में, राज्यपाल ने लगभग चार दिनों तक लगातार सीमावर्ती जिले का दौरा किया। राज्यपाल साहब नशीले पदार्थ के उपयोग की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “ मुझे लगता है कि राज्यपाल साहब की जितनी प्रशंसा होनी चाहिए, उतनी होनी चाहिए। राज्यपाल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि 80 साल की उम्र में भी वे पंजाब के सीमावर्ती जिलों और गांवों का दौरा कर रहे हैं। वह नशे के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं और खुद सड़कों पर उतरकर अफसरों को काम पर लगा रहे हैं। ”
उन्होंने कहा, “ राज्यपाल साहब, मुझे लगता है यह बहुत बड़ी कार्रवाई है। मुख्य सचिव को इस पर ध्यान देना चाहिए। या कम से कम, जो वरिष्ठ अधिकारी या उनके आदमी आये थे, उन्हें आज बर्खास्त करके घर भेज देना चाहिए। ”
उन्होंने कहा, “ लोग आज राज्यपाल साहब को सुन रहे थे, और कैबिनेट मंत्री बाहर चुटकले सुना रहे थे। आप क्या करना चाहते हैं? आप क्या दिखाना चाहते हैं? यह किसकी पार्टी थी? अभी किस मंत्री की शादी थी? जो बैंड बजाने वाले साथ आ रहे थे, वे संगीत बजा रहे थे।”
उन्होंने कहा कि दिल दहला देने वाली सच्चाई यह है कि इतने लंबे समय से हमने संसद या संसदीय प्रणाली में आज जैसी गिरावट कभी नहीं देखी।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का सपना ‘रंगला पंजाब’ है, जिसमें कोई राजनीति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। चौदह मार्च को एक बड़ी रैली के जरिए 2027 के चुनावों का बिगुल फूंका जाएगा। उन्होंने तंज कसा कि कांग्रेस अपना रंग और बाणा (पहचान) भूल चुकी है। राजा वड़िंग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे नीली पगड़ी पहनकर क्या संकेत दे रहे हैं? अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में ‘चिट्ठा’ (नशा) और बेअदबी के मामलों के लिए वही जिम्मेदार हैं, इसलिए जनता उन्हें दोबारा सत्ता में नहीं लायेगी।
ज्ञानी रंजीत सिंह और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के विवाद पर उन्होंने कहा कि धर्म में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अकाल तख्त साहिब के प्रति सम्मान व्यक्त किया, लेकिन चल रहे विवाद पर सीधा कमेंट करने से परहेज किया।
