
रतलाम। छोटी दीपावली की रात राजीव नगर में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड में सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने मामले के 3 जीवित आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। लूट की नीयत से पति-पत्नी और उनकी पुत्री की हत्या करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना दिलीप देवल की पहले ही पुलिस मुठभेड़ में मौत हो चुकी है। अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि 25 नवंबर 2020 की रात राजीव नगर निवासी गोविंद सोलंकी, उनकी पत्नी शारदा और पुत्री दिव्या की अज्ञात बदमाशों ने सिर में गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। मुख्य आरोपी दिलीप देवल ने जानबूझकर छोटी दीपावली का दिन चुना था ताकि पटाखों की आवाज में गोलियों की गूंज दब जाए और किसी को शक न हो। वारदात का मकसद केवल रुपयों और सोने-चांदी के जेवरातों की लूट था। घटना का खुलासा अगली सुबह (26 नवंबर) तब हुआ, जब मकान के नीचे रहने वाली किरायेदार नर्स को अपनी एक्टिवा स्कूटी गायब मिली। जब वह पूछने के लिए ऊपर मकान मालिक के कमरे में गई, तो वहां तीनों के खून से लथपथ शव पड़े थे। ज्वेलिका की रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 302 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 111 भौतिक वस्तुएं, 210 दस्तावेज और 33 गवाहों के बयान दर्ज कराए। दोषियों को सजा दिलाने में वैज्ञानिक साक्ष्य सबसे बड़ा आधार डीएनए रिपोर्ट बने। आरोपियों के कपड़ों, चप्पलों और रुमाल पर तीनों मृतकों का डीएनए पाया गया। वहीं, लूटी गई स्कूटी के हैंडल पर आरोपी लाला का डीएनए मिला। फॉरेंसिक जांच में साबित हुआ कि मृतकों के शरीर और घटना स्थल से मिले कारतूस के खोखे उसी देसी पिस्तौल से चले थे, जो मुठभेड़ के बाद दिलीप देवल के पास और उसके घर से बरामद हुई थी। आरोपी वारदात के बाद मृतका की स्कूटी लेकर भागते हुए और उससे पहले जाते हुए सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए थे, जिससे उनकी पहचान पुख्ता हुई।
इन दोषियों को सजा: आरोपी अनुराग उर्फ बॉबी (33) निवासी- विनोबा नगर रतलाम, गोलू उर्फ गौरव(29) निवासी- रेलवे कॉलोनी रतलाम, लाला भाबोर (27) निवासी-जिला दाहोद गुजरात को तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, वे 2 दिसंबर 2020 से जेल में बंद हैं।
