
उज्जैन। धार्मिक नगरी में शनिवार को मानसून की दस्तक झमाझम तरीके से हुई। दोपहर 12 बजे शुरू हुई बारिश रुक रुक कर शाम 6 बजे तक होती रही। मानसून के पहले दिन ही दो दिन से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी थी वहीं शाम को भी रिमझिम का दौर जारी था।
शहर में मानसून की दस्तक का समय 15 जून माना गया है। इस बार 5 दिन बाद 20 जून शनिवार को मानसून की दस्तक हुई पहली बार में ही झमाझम बारिश से पूरा शहर तरबतर हो गया। दोपहर 12 शुरू हुई बारिश करीब 40 मिनट तक जारी रही जिसके बाद बारिश का दौर थम गया। लेकिन आसमान में बादल उमड़ते रहे। दोपहर 3 बजे बाद फिर से झमाझम बारिश की शुरुआत हो गई। इसके बाद करीब 3 घंटे में 2 इंच से अधिक बारिश हो गई। जीवाजी राव वेधशाला अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्त ने बताया कि शाम 6 बजे तक 60 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी थी। उसके बाद कुछ देर रफ्तार कम हुई। शाम 7 बजे फिर 10 मिनट तेज बारिश का दौर चला। 7.30 बजे बाद रिमझिम का सिलसिला बना हुआ था। मानसून की पहली दस्तक की झमाझम के बाद मौसम में ठंडक आ गई थी वहीं पिछले चार दिनों से महसूस हो रही उमस भी खत्म हो चुकी थी मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी बारिश की संभावना बनी हुई है।
जल जमा की स्थिति
सिंहस्थ 2028 को लेकर पूरे शहर में सडक़ चौड़ीकरण और निर्माण कार्यों का कार्य प्रगति पर है बारिश की वजह से काम की रफ्तार थम गई थी लेकिन शहर में चारों ओर जल जमाव की स्थिति दिखाई देने लगी चौड़ीकरण मार्गो के आसपास पानी भरा दिखाई दे रहा था। कई क्षेत्रों में नालियों की सफाई नहीं होने से सडक़ों पर गंदगी फैल चुकी थी। जल बहाव के चलते पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था।
बिजली के खंभे में फैल गया करंट
जूना सोमवारिया क्षेत्र के वार्ड 13 में मस्जिद के पास एक घटना हुई। बारिश के बाद बिजली के खंभे में करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आने से आठ बकरों की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लगे डीपी को हटाने और विद्युत व्यवस्था सुधारने के लिए पहले भी कई बार अधिकारियों को शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
