
उज्जैन। जिस गहरी टनल में उतरने में अच्छे-अच्छे को पसीना आ जाता है उस 100 फीट गहरी टनल में उतरकर 72 साल की उम्र में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर एक ऐसी लिफ्ट से नीचे उतर गए जो जुगाड़ से बनाई गई है, यही नहीं इतनी गहराई में जाकर ऑक्सीजन भी कम हो जाती है बावजूद इसकी परवाह मंत्री ने नहीं की और सिंहस्थ के मद्देनजर बनाई जा रही उस योजना का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के साथ कर डाला, सीएम ने भी मंत्री के हौसले की दाद दी।
सबसे पहले दोनों नेताओ ने त्रिवेणी घाट पहुंचकर सिंहस्थ-2028 के लिए 778 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे 29.15 किलोमीटर लंबे नवीन घाट निर्माण कार्य का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 150 से अधिक प्रवेश और निकास बिंदु विकसित किए जा रहे हैं। अब तक 18.20 किलोमीटर रिटेनिंग वॉल का निर्माण हो चुका है, जबकि 7 किलोमीटर घाट पूर्ण हो चुके हैं और लगभग 22 किलोमीटर क्षेत्र में कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार युद्धस्तर पर काम कर रही है ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके बाद मंत्री और मुख्यमंत्री दोनों नेता चिंतामन-जवासिया क्षेत्र पहुंचकर 919.94 करोड़ रुपये की कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने टनल में उतरकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का परीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य कान्ह नदी के दूषित जल को शिप्रा नदी में मिलने से रोकना है। 30.15 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 12 किलोमीटर टनल और 18.15 किलोमीटर क्लोज डक्ट का निर्माण किया जा रहा है।
नाम के पौधे लगाए
त्रिवेणी घाट पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने नीम, पीपल तथा रुद्राक्ष के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। सभी नेताओं के नाम की पट्टिका बनाई गई थी वहीं पर पौधे रोपे गए। निरीक्षण के दौरान नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, विकास प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
