अयोध्या | राम मंदिर दानराशि चोरी मामले में विशेष जांच टीम (SIT) बड़े खुलासों के करीब पहुंच गई है। मुख्य संदिग्ध राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। एसआईटी दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों और कुछ बैंक अधिकारियों की संलिप्तता की गहन जांच कर रही है ताकि गबन की पूरी परतें खोली जा सकें।
ट्रस्ट पदाधिकारियों पर भी गाज
जांच का दायरा बढ़ाते हुए एसआईटी मंदिर प्रशासन से जुड़े 10 से अधिक प्रमुख लोगों से पूछताछ कर चुकी है। यदि जांच में मंदिर ट्रस्ट के किसी पदाधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। एसआईटी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपने की तैयारी में है।
दस्तावेजों और चढ़ावे का मिलान
टीम मंदिर में प्राप्त दान और उसके आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच के अंतर का बारीकी से मिलान कर रही है। सोने, गहनों और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के कागजी रिकॉर्ड बनाम वास्तविक मात्रा की तुलना से कथित अनियमितताओं का सटीक आकलन किया जा रहा है। इस जांच से यह स्पष्ट हो पाएगा कि मंदिर के चढ़ावे में कुल कितनी हेराफेरी की गई है।

