मुंबई | भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के मानदंडों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं, जो अगले साल जनवरी से प्रभावी होंगे। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य लोन मंजूर करने और उसे चुकाने की प्रक्रिया में एकरूपता लाना है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, ये नए निर्देश कृषि कार्यों में लगे किसानों को समय पर और पर्याप्त ऋण सहायता सुनिश्चित करने के लिए तैयार किए गए हैं।
फसल सीजन की नई परिभाषा
नए नियमों के तहत फसल मौसम की अवधि को संशोधित किया गया है। अब अल्पावधि फसलों के लिए यह अवधि 12 महीने और दीर्घावधि फसलों के लिए 18 महीने निर्धारित की गई है। इस परिभाषा को आय पहचान और संपत्ति वर्गीकरण के मानकों के अनुरूप बनाया गया है, जिससे किसानों को बुवाई से लेकर विपणन तक की पूरी प्रक्रिया में ऋण प्रबंधन की बेहतर सुविधा मिलेगी।
ऋण वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण के लिए किसान स्वेच्छा से सोना-चांदी गिरवी रख सकते हैं, जिसे जमानत के नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। जनवरी 2027 से लागू होने वाले इन परिवर्तनों से बैंकों और किसानों के बीच लोन प्रक्रिया और भी अधिक पारदर्शी और सुगम हो जाएगी, जिससे कृषि क्षेत्र में ऋण वितरण व्यवस्था में व्यापक सुधार आएगा।

