
शाजापुर, एक दशक से शाजापुर नगर पालिका में पदस्थ महिला इंजीनियर पर घटिया निर्माण को लेकर कार्रवाई की गाज गिरी है. कलेक्टर ऋजु बाफना द्वारा संजीवनी क्लिनिक के निरीक्षण के दौरान भवन को घटिया होना पाया गया, जिस पर उन्होंने इंजीनियर को जमकर फटकार लगाई. वहीं कलेक्टर ने इस घटिया निर्माण को लेकर इंजीनियर से राशि वसूली के भी निर्देश दे दिए. मामले के लिए जांच समिति भी गठित की गई है.
गौरतलब है कि शाजापुर वार्ड क्रमांक 27 में 22 लाख रूपये की लागत से संजीवनी क्लिनिक का निर्माण किया गया था. जिसका निरीक्षण शुक्रवार को कलेक्टर ऋजु बाफना ने किया. भवन के घटिया निर्माण व निर्धारित मापदंड के अनुसार न बनने पर इंजीनियर नेहा जोशी को जमकर फटकार लगाई. समिति गठित कर जांच कराने और जांच के उपरांत संबंधित इंजीनियर से राशि की वसूली करने के निर्देश दिए.
शाजापुर के एक मात्र संजीवनी क्लिनिक 22 लाख 44 हजार की लागत से बनाया गया. जिसमें ठेकेदार ने इतना घटिया काम किया कि निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्य को देखकर अपनी नाराजगी व्यक्त की. जिस ठेकेदार ने यह काम किया है वह सत्ता पक्ष से जुडा है. इस कारण घटिया निर्माण को इंजीनियर नेहा जोशी ने होने दिया तथा बिल का भुगतान किया. लेकिन अब घटिया निर्माण की जांच कर 22 लाख की वसूली इंजीनियर नेहा जोशी से करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं.
घटिया निर्माण पर कभी कार्रवाई नहीं करती इंजीनियर
शाजापुर नगर पालिका में एक दशक से अधिक समय से पदस्थ सब इंजीनियर नेहा जोशी के पास नगर पालिका की कई महत्वपूर्ण शाखाओं का प्रभार है. लेकिन उनके कार्यकाल में आज तक किसी भी घटिया निर्माण को लेकर कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई. औपचारिकता निभाने के लिए कभी कभार ठेकेदारों को नोटिस जारी कर देते हैं. लेकिन किसी भी ठेकेदार को कभी ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई नहीं की गई और ना ही किसी घटिया निर्माण को दोबारा कराया गया. लेकिन आज पहली बार संजीवनी क्लिनिक के घटिया निर्माण के निरीक्षण के दौरान उनका सामना कलेक्टर ऋजु बाफना से हो गया. कलेक्टर ने इंजीनियर नेहा जोशी को फटकार लगाते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश और जांच कमेटी गठित करने की बात कही.
