
जबलपुर। हाईकोर्ट जस्टिस आनंद पाठक एवं जस्टिस बीपी शर्मा की युगलपीठ ने सीबीआई जांच में सूटेबल पाये गये नर्सिंग कॉलेज की जीएनएम तृतीय वर्ष की परीक्षा आयोजित करवाने की अनुमति मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल को प्रदान की है। इसके अलावा युगलपीठ ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 के जीएनएम प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम घोषित करने की भी अनुमति प्रदान की है। युगलपीठ ने सीबीआई जांच में अनसूटेबल पाये गये कॉलेजों की परीक्षा के आयोजन पर रोक बरकरार रखी है।
गौरतलब है कि लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की तरफ से अधिवक्ता विशाल बघेल की तरफ से दायर जनहित याचिका में प्रदेश में खुले सैकड़ों फर्जी नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि निर्धारित शर्तो का पालन नहीं करने के बावजूद भी कागजों में संचालित नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता प्रदान की गयी है। हाईकोर्ट ने याचिका की सुनवाई करते हुए प्रदेश में संचालित नर्सिंग कॉलेज की जांच के निर्देश सीबीआई को दिये थे।
सीबीआई जांच में प्रदेश में संचालित 695 नर्सिंग कॉलेजों में 156 काॅलेज सूटेबल पाये गये थे। जांच में पाई गयी कमियों को दूर कर 89 कॉलेज भी सूटेबल की श्रेणी में आ गये थे। याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान नर्सिंग कौंसिल की तरफ से नर्सिंग कॉलेजों के लंबित परीक्षाएं कराने और परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति की मांग करते हुए आवेदन पेश किया था। याचिकाकर्ता की तरफ से सीबीआई जांच में पाये गये अनसूटेबल कॉलेज की परीक्षा के आयोजन पर आपत्ति व्यक्त की गयी। युगलपीठ ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद उक्त आदेश जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने पैरवी की।
