
जबलपुर। षडयंत्र रचकर सदर केंन्ट निवासी एक बुजुर्ग से ग्राम बिलखरवा स्थित कृषि भूमि विक्रय का अनुबंध कर 20 लाख हड़प लिए गए। भेड़ाघाट पुलिस ने जांच के बाद पीड़ित की शिकायत पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि अमित पटेल, 52 वर्ष निवासी गली नं. 16, सदर केंन्ट ने लिखित शिकायत की कि श्रीमति जमना बाई उर्फ जमुना बाई तिवारी ने अपनी एक जमीन ग्राम बिलखरवातहसील शहपुरा, जिला जबलपुर में स्थित कृषि भूमि कुल रकबा 1.0400 हे. में से रकवा 0.20 हे. कृषि भूमि यानि लगभग 22000 वर्गफुट को 20 लाख 40 हजार रूपये में बेचने का रजिस्टर्ड विक्रय अनुबंध किया था, श्रीमति जमना बाई उर्फ जमुना बाई तिवारी वर्ष 2019 से आपसी बातचीत के तहत अपने पुत्र ब्रजेश तिवारी के खाते में यह कहकर राशि लेती रही है कि, उसका खाता नहीं है और उसके पुत्र के खाते में जरूरत के अनुसार रूपये जमा करवा लेती थी। श्रीमति जमना बाई उर्फ जमुना बाई तिवारी ने बयाने के रूप में 20 ,लाख रूपये प्राप्त कर समक्ष गवाहों के रजिस्ट्रार कार्यालय जबलपुर में विक्रय अनुबंध पत्र पंजीयन कराकर निष्पादित किया गया है। जमुना बाई तिवारी, गिरजेश तिवारी एव पवन तिवारी द्वारा विक्रय अनुबंध पत्र से संबंधित ग्राम बिलखरवा स्थित खसरा नंबर 82 रकबा 0.20 हैक्टेयर कृषि भूमि 22,000 वर्गफुट की रजिस्ट्री करने के संबंध में एक राय होकर विश्वास दिलाकर कपटपूर्वक एव छल कर रजिस्टर्ड अनुबंध पत्र के पूर्व नगद एव चैक, आरटीजीएस के माध्यम से 20 लाख रुपये ले लिये है। भू स्वामी जमना बाई तिवारी ने अमित पटेल को उपरोक्त जमीन विक्रय करने संबंधी उप रजिस्टार कार्यालय जबलपुर में विक्रय अनुबंध पत्र तैयार कराया किंतु विक्रय अनुबंध पत्र से सबंधित भुमि की रजिस्ट्री नही की न ही लिये हुये 20 लाख रुपये वापस कर रहे है । जांच पर जमना उर्फ जमुना बाई तिवारी, गिरिजेश तिवारी एवं पवन तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
भूमि बैंक में रखी बंधक-
पीड़ित ने बताया कि बाद में उसे पता चला कि विवादित भूमि में से कुछ भूमि भारतीय स्टेट बैंक शाखा भेडाघाट में बंधक रखी हुई है, इसके अलावा जमनाबाई द्वारा षडयंत्रपूर्वक विक्रय अनुबंधित जमीन पत्र निष्पादित करने के पूर्व ही अपनी पुत्री श्रीमति सावित्री तिवारी एवं अपने पुत्र धर्मेन्द्र तिवारी के नाम वसीयत कर चुकी है जिस बात को छुपाकर कूट रचित दस्तावेज तैयार कर दूसरे खसरे को दिखाते हुए जालसाजी तरीके से धोखा देते हुए 20 लाख रूपये हडप लिए।
छेड़छाड़ के केस फंसाने की धमकी-
पीड़ित के अनुसार पैसे मांगने पर उसे जान से मरने और नहीं तो छेड़छाड़ करने का केस बनवा देने की धमकी दी जा रही है।
