वॉशिंगटन, 19 जून (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान युद्ध ने अमेरिका की असली ताकत तथा पहुंच को और मजबूत किया है।
श्री ट्रंप ने ‘द एक्सियोस शो’ से बात करते हुए इस बात को खारिज कर दिया कि युद्ध ने उन्हें अपने उद्देश्य को कम करने पर मजबूर किया, जबकि वे ईरान के पूरी तरह और ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ की मांग के साथ संघर्ष में उतरे थे और आखिर में एक बहुत सीमित एवं नरम समझौता ज्ञापन पर सहमत हुए।
उनसे जब पूछा गया कि इस संघर्ष ने उन्हें अपनी ताकत की सीमाओं के बारे में क्या सिखाया, तो श्री ट्रंप ने जवाब दिया, ‘कोई सीमा नहीं है।’
उन्होंने कहा, “मैंने अभी तक वह सबक नहीं सीखा है। मुझे पता है कि सीमाएं हैं लेकिन कोई सीमा नहीं है।” श्री ट्रंप ने अमेरिका द्वारा अपने सैन्य लक्ष्य हासिल करने का तर्क दिया और दावा किया कि इस्लामिक रिपब्लिक के साथ हुआ समझौता खुद अमेरिकी सफलता का सबूत है। उन्होंने कहा, “हमने उन्हें पूरी तरह से सैन्य तरीके से हरा दिया।” उन्होंने कहा कि समझौता ज्ञापन ‘शायद बिना शर्त आत्मसमर्पण है।’
राष्ट्रपति ने लड़ाई के दौरान अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी की ओर इशारा किया, जो अमेरिकी ताकत का एक उदाहरण है। श्री ट्रंप ने कहा, “और कौन ऐसी नाकाबंदी कर सकता है? मैंने एक नौसैनिक नाकाबंदी की थी, जहां एक भी जहाज नहीं निकल पाया। कुछ ने कोशिश की। यह अधिक देर तक नहीं चला।”
श्री ट्रंप ने माना कि युद्ध जारी रखने में काफी जोखिम थे। उन्होंने ईरान के प्रति सख्त रवैया चाहने वालों की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि सैन्य अभियान को बढ़ाने से वैश्विक आर्थिक हालत और खराब हो सकती थी। श्री ट्रंप ने कहा, “मैं सिर्फ तभी सख्त हो सकता हूं जब मैं वहां और दो या तीन सप्ताह जाऊं और उन पर जबरदस्त बमबारी करता रहूं।लेकिन इससे हमें क्या मिलेगा? होर्मुज जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि लंबी लड़ाई से सामरिक जलमार्ग बंद रहता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट आती।
उन्होंने चेतावनी दी कि लंबी लड़ाई से सामरिक जलमार्ग बंद हो जाते और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट आती। लंबी लड़ाई से बड़ा आर्थिक संकट पैदा हो सकता था। उन्होंने कहा, “यह ऐसी चीज है जिससे दुनियाभर में हताशा आ सकती थी।” श्री ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक रुकावटों पर निजी तौर पर अपनी चिंताएं जताई थीं और कहा था कि वैश्विक पेट्रोलियम भंडार में कमी से बड़ा ऑयल शॉक लग सकता है। श्री ट्रंप ने आर्थिक जोखिम को मानने के बावजूद कहा कि युद्ध के नतीजों ने अमेरिकी ताकत के बारे में उनके नजरिए को और मजबूत किया है।
