
• कंज्यूमर बिजनेस को मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात से जोड़ने की तैयारी कर रही है रिलायंस
• रिलायंस रिटेल 20 हजार स्टोर के पार
*मुंबई, 19 जून 2026* : ईशा एम. अंबानी ने रिलायंस के एफएमसीजी कारोबार के लिए बड़ा लक्ष्य सामने रखा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में उन्होंने कहा कि रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड यानी आरसीपीएल की निकट अवधि की महत्वाकांक्षा वित्त वर्ष 2030 तक ₹1 लाख करोड़ रेवेन्यू तक पहुंचने की है। उनकी दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा आरसीपीएल को भारत की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनियों में से एक बनाने की है, जिसके साथ एक मजबूत ग्लोबल प्लेटफॉर्म भी हो।
आरसीपीएल ने वित्त वर्ष 2026 में ₹22,000 करोड़ का ग्रॉस रेवेन्यू हासिल किया। कंपनी के अनुसार, दूसरी कंपनियों को जिस मुकाम तक पहुंचने में दशकों लगे, आरसीपीएल ने उसे सिर्फ चार वर्षों में हासिल किया। आज आरसीपीएल के प्रोडक्ट्स निर्यात और फ्रेंचाइज बिक्री के जरिए 40 से अधिक देशों में मौजूद हैं।
कैंपा ने वित्त वर्ष 2026 में ₹4,700 करोड़ से अधिक की ग्रॉस सेल्स दर्ज की। दशकों से चली आ रही मार्केट लीडरशिप को चुनौती देने के बाद यह अब भारत का चौथा सबसे बड़ा कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स ब्रांड बन गया है। प्रमुख बाजारों में कैंपा का मार्केट शेयर दो अंकों में पहुंच गया है।
रिलायंस रिटेल ने भी वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 20 हजार स्टोर का आंकड़ा पार कर लिया। कंपनी के अनुसार, इतने कम समय में एशिया के किसी भी रिटेलर ने यह स्तर हासिल नहीं किया है। वित्त वर्ष 2026 में रिलायंस रिटेल का ग्रॉस रेवेन्यू ₹3,70,026 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 11.8 प्रतिशत अधिक है।
रिलायंस रिटेल के ग्रॉसरी और क्विक कॉमर्स कारोबार में भी तेज विस्तार दिखा। स्मार्ट बाजार ने 1,000 स्टोर का आंकड़ा पार किया। जियोमार्ट अब भारत के सबसे बड़े क्विक कॉमर्स नेटवर्क्स में से एक बन गया है। यह 3,100 से अधिक स्टोर्स के जरिए 1,200 से अधिक शहरों और 5,100 से अधिक पिन कोड्स में सेवा दे रहा है।
रिलायंस रिटेल किसानों और सप्लाई चेन के साथ अपनी साझेदारी को भी मजबूत कर रहा है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 40 हजार से अधिक किसानों के साथ मिलकर 110 कलेक्शन सेंटर्स के जरिए करीब 5.7 लाख मीट्रिक टन ताजे फल और सब्जियां खरीदीं। कंपनी का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को बेहतर कीमत और किसानों को बेहतर रिटर्न मिला।
रिलायंस अब कंज्यूमर बिजनेस को मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात से जोड़ने की तैयारी कर रही है। कंपनी बेवरेजेस, डेली एसेंशियल्स, फूड पार्क्स, गारमेंट्स और किफायती इलेक्ट्रॉनिक्स में बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बना रही है। अगले तीन वर्षों में आरसीपीएल एकीकृत फूड पार्क्स के नेटवर्क पर ₹30,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश करेगी।
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*अनंत अंबानी बोले, वित्त वर्ष 2027 से रिलायंस की कमाई में दिखेगा न्यू एनर्जी का असर*
• सैमसंग सीएंडटी से 3 अरब डॉलर का ग्रीन अमोनिया करार
• 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करने का लक्ष्य
*मुंबई, 19 जून 2026:* रिलायंस के एनर्जी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे अनंत एम. अंबानी ने कंपनी के न्यू एनर्जी कारोबार को रिलायंस की अगली बड़ी ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी बिजनेस रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा और बैटरी फैक्ट्री भी इसी वर्ष कमीशन होगी।
अनंत अंबानी ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी, रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन में सार्थक योगदान देना शुरू करेगा। सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वर्ष शुरू होगा। बैटरी फैक्ट्री इसी वर्ष कमीशन होगी। और सैमसंग सीएंडटी समझौता कोई वादा नहीं है, यह एक हस्ताक्षरित करार है।”
रिलायंस ने ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट किया है। कंपनी के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक करारों में से एक है और उसके ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को साबित करता है।
जामनगर में 5,000 एकड़ में फैला धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स अब दुनिया के सबसे एकीकृत क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम्स में से एक बन चुका है। कंपनी की सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइनें चालू हो चुकी हैं। करीब 1 गीगावॉट एचजेटी मॉड्यूल्स का उत्पादन भी हो चुका है।
बैटरी क्षेत्र में रिलायंस बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की 40 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता वाली बीईएसएस और सेल गीगा फैक्ट्री का पहला चरण इसी वर्ष कमीशन होने की राह पर है। रिलायंस ने इसे बढ़ाकर 120 गीगावॉट-आवर वार्षिक क्षमता तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है।
कच्छ में रिलायंस 5.5 लाख एकड़ में रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित कर रही है। पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की वार्षिक बिजली जरूरत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स क्षमता हासिल करने का है।
अनंत अंबानी ने कहा कि गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म मिलकर 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। उन्होंने कहा, “दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा भारतीय धूप पर बनाएगी।”
रिलायंस के अनुसार, न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा, तीनों जरूरतों को साथ लेकर चलेगा। इससे आयात पर निर्भरता घटाने, निर्यात बढ़ाने, ऊर्जा लागत कम करने और नए रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी।
