
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया व जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ के समक्ष धार जिले में बाओबाब वृक्षों की कटाई, बिक्री और परिवहन से जुड़े जनहित मामले की सुनवाई गुरुवार को नहीं हो सकी। न्यायालय ने मामले में स्पष्ट किया कि मामला पर्यावरण तथा बाओबाब वृक्षों के संरक्षण से जुड़ा है, इसलिए इसकी सुनवाई ग्रीन बेंच के समक्ष होना अधिक उपयुक्त होगा। कोर्ट ने प्रकरण को अगले सप्ताह युगलपीठ क्रमांक-दो के समक्ष सूचीबद्ध करने के निर्देश दिये है। उल्लेखनीय है कि 2023 में स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज की थी। जानकारी के अनुसार धार जिले में बाओबाब वृक्षों की कटाई, बिक्री और परिवहन का विरोध किये जाने का उल्लेख था। प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने बाओबाब वृक्षों की कटाई, बिक्री और परिवहन पर अंतरिम रोक लगा दी थी। बाओबाब को विश्व के सबसे महत्वपूर्ण वृक्षों में माना जाता है और इसकी बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जाती है।
