
भोपाल। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार एवं वरिष्ठ गांधीवादी नेता मीणाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को निरस्त किए जाने के विरोध में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने बुधवार को भोपाल में सत्याग्रह और पत्रकार वार्ता आयोजित कर लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए।
संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप चरखा चलाकर अपना प्रतिरोध दर्ज कराया। उनका आरोप था कि नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई ने लोकतांत्रिक व्यवस्था की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पवार ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और निर्वाचन आयोग ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत योग्य महिला उम्मीदवार को राज्यसभा पहुंचने से रोकने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मोना कौरव ने महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चरखा और गांधीवादी विचारधारा से जुड़ी एक महिला नेता को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया गया है, जो महिला सम्मान और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।
संगठन ने मामले में निष्पक्ष हस्तक्षेप और न्याय सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तथा न्यायपालिका से हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यह सत्याग्रह केवल शुरुआत है और लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
