सीहोर। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरएसएस की कार्यप्रणाली और उसके पंजीकरण को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान आरएसएस के वित्तीय स्रोतों की जांच की मांग करते हुए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी तीखे आरोप लगाए.
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि किसी भी समिति, संगठन या आयोजन के संचालन के लिए पंजीयन, सदस्यता और बैंक खाते जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य होती हैं. उन्होंने दावा किया कि आरएसएस का कोई आधिकारिक पंजीयन नहीं है.ऐसे में संस्था के पास आने वाले धन के स्रोत एवं उसके उपयोग को लेकर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने इस संबंध में उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की. संघ प्रमुख मोहन भागवत के उस कथन पर भी उन्होंने कटाक्ष किया, जिसमें संघ के पंजीयन को लेकर तर्क दिया गया था. दिग्विजय सिंह ने कहा कि हिंदू धर्म हजारों वर्षों से अस्तित्व में है और उसकी तुलना किसी संगठन के पंजीयन से नहीं की जा सकती. ऐसे तर्क देकर मूल सवालों से बचने का प्रयास किया जा रहा है.
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा ट्रस्ट के कार्यों में पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
