
छतरपुर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने अपने बेटे के साथ खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की सतर्कता से समय रहते दोनों को रोक लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई।
आत्मदाह का प्रयास करने वाले प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि दो वर्ष पूर्व उनके घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चोरी हो गए थे, लेकिन आज तक उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने तत्कालीन नौगांव थाना प्रभारी सतीश सिंह और पुलिस विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चोरी गया माल बरामद होने के बावजूद उन्हें वापस नहीं सौंपा गया। उनका दावा है कि वे अब तक 55 से अधिक आवेदन दे चुके हैं और हाईकोर्ट की शरण भी ले चुके हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि लगातार प्रयासों के बावजूद न्याय नहीं मिलने से उनका परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है। इसी निराशा के चलते उन्होंने यह कदम उठाने का प्रयास किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कराने की मांग करते हुए कहा कि जब तक उन्हें ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर मामले को शांत कराया और पीड़ित की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। हालांकि, इस मामले में जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से देर शाम तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद मामले में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
