
भोपाल। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अपनाने जा रही है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. हितेश बाजपेयी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय को ऐतिहासिक पहल बताया है।
डॉ. बाजपेयी ने अपनी पोस्ट में कहा कि जन-जन तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से पीपीपी मॉडल पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इस योजना के प्रथम चरण में गुना, देवास और रीवा जिलों को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस नवाचारपूर्ण पहल से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आने, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण एवं अंचल क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में नए प्रयोगों के माध्यम से आम नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पीपीपी मॉडल के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली को मजबूत करने और सुविधाओं के विस्तार का प्रयास किया जाएगा।
