
रीवा, कांग्रेस पार्टी की राज्यसभा उम्मीदवार एवं वरिष्ठ नेत्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में मंगलवार को एनएसयूआई द्वारा बीजेपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए चुनाव आयोग का पुतला दहन किया. विरोध को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा.
कार्यकर्ताओं ने केन्द्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. नामांकन निरस्त किये जाने को लोकतंत्र की हत्या बताया. एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि एनएसयूआई इस अन्याय के खिलाफ लगातार संघर्ष करेगी और छात्रों-युवाओं के साथ मिलकर लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के लिए सडक़ से सदन तक आवाज बुलंद करेगी. उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो एनएसयूआई आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र करेगी तथा जन-जन तक इस मुद्दे को पहुंचाने का कार्य करेगी. कार्यक्रम में एनएसयूआई के पदाधिकारी मौजूद रहे.
मऊगंज में युवक कांग्रेस ने मुंडन कर जलाया पुतला
राज्यसभा नामांकन निरस्त को लेकर मऊगंज में युवक कांग्रेस ने अनोखा प्रदर्शन किया. मुंडन कर मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रतिकात्मक शव यात्रा निकाल कर विरोध जताया और पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प जैसी स्थिति भी देखने को मिली. युवा कांग्रेस अध्यक्ष आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालकर विरोध जताया. शासकीय शहीद केदारनाथ महाविद्यालय के सामने कार्यकर्ताओं ने पहले मुंडन कराया. इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त के प्रतीकात्मक शव को चार कंधों पर रखकर जुलूस निकाला गया. हाथों में पीतल का लोटा और पारंपरिक सामग्री लिए कार्यकर्ता पूरे रास्ते नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे. जैसे ही जुलूस मुख्य चौराहे पर पहुंचा, कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक शव के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन करने का प्रयास किया. इस दौरान पुलिस ने पुतला छीनने और प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खींचतान चलती रही.
