
जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने आय से अधिक संपत्ति मामले में आज तड़के नगर निगम के प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पोलेराव उर्फ संन्यासी बारौआ के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की। कार्रवाई में अब तक 2 करोड़ 82 लाख रुपये से अधिक की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हो चुका है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अधिकारी के ठिकानों पर दस्तावेजों की स्क्रूटनी और लॉकरों की जांच अभी भी जारी है। पूरी छानबीन और दस्तावेजों के मिलान के बाद आय से अधिक संपत्ति का यह आंकड़ा कई गुना और बढ़ सकता है।सूत्रों का कहना है कि आगामी पूछताछ और जांच में कई अन्य बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों का खुलासा हो सकता है, जिससे काली कमाई का यह आंकड़ा और ऊपर जाने की पूरी उम्मीद है।
सुबह 6 बजे तीन टीमों की एक साथ दबिश
सुबह ठीक 6 बजे तीन अलग-अलग टीमों ने पोलेराव के जेडीए स्कीम-11 स्थित आलीशान निवास और कार्यालय पर एक साथ धावा बोल दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से आरोपी अधिकारी के परिवार में हड़कंप मच गया।
आलीशान जिंदगी और काली कमाई का ऐसा है ब्योरा-
तलाशी के दौरान ईओडब्ल्यू की टीम को आरोपी के घर से 1,19,18,000 के संदिग्ध नकद लेनदेन के दस्तावेज जब्त किए गए हैं। शहर के पॉश इलाके में 45 लाख का एक फ्लैट और 65 लाख के कीमती भूखंड के कागजात मिले हैं। घर से 22.50 लाख कीमत का 150 ग्राम सोना और 3 लाख मूल्य की चांदी मिली है। इसके अलावा, बैंक लॉकर्स में 450 ग्राम अतिरिक्त सोना होने की पुख्ता आशंका है। परिसर से एक लग्जरी फोर-व्हीलर कीमत 8.50 लाख और तीन टू-व्हीलर कीमत 6.20 लाख बरामद हुए हैं। पोलेराव और उनके परिजनों के नाम पर 6 बैंक खाते मिले हैं, जिनमें 10 लाख जमा हैं। साथ ही 10 लाख की भारी-भरकम बीमा पॉलिसियों में निवेश के कागजात मिले हैं। घर के अंदर 16 लाख से अधिक मूल्य के महंगे और लग्जरी सामान की इन्वेंट्री तैयार की गई है।
