झाबुआ: पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले का मात्र तीन दिनों में खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई राशि का बड़ा हिस्सा भी सुरक्षित करा लिया है।पुलिस सूत्रों के अनुसार थांदला निवासी रवि गादिया, जो मोबाइल व्यवसाय से जुड़े हैं, को एक व्यक्ति ने फोन कर स्वयं को मोबाइल फोन का बड़ा विक्रेता बताया। आरोपी ने वीवो कंपनी के मोबाइल फोन कम कीमत पर उपलब्ध कराने का प्रलोभन दिया। इस पर फरियादी ने आरोपी के बताए बैंक खाते में कुल दो लाख 52 हजार 680 रुपये स्थानांतरित कर दिए।
राशि प्राप्त होने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और फरियादी से संपर्क समाप्त कर दिया। मोबाइल फोन नहीं मिलने और संपर्क नहीं होने पर रवि गादिया को ठगी का संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने थांदला थाने में शिकायत दर्ज कराई।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर प्रकोष्ठ और थाना थांदला की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के लेन-देन और मोबाइल नंबरों की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन महाराष्ट्र के पालघर जिले में मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर आरोपी रोशन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ठगी की राशि को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित कर छिपाने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए विभिन्न बैंक खातों में जमा दो लाख छह हजार 493 रुपये की राशि को रोक दिया, जिससे पीड़ित को रकम वापस मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
झाबुआ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर ऑनलाइन लेन-देन न करें। किसी संदिग्ध कॉल, संदेश अथवा ऑनलाइन प्रस्ताव की पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल पुलिस अथवा साइबर सहायता क्रमांक 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
