खबर का असर
जबलपुर: कहावत है कि जब तक पीछे न पड़ जाओ तब तक कोई काम नहीं होता,जब तक नींद से न जगाओ तो धरातल पर अमल कैसे होगा.. कुछ इस तरह की बानगी हाल ही में नवभारत में खबर प्रकाशन के बाद गलगला चौक में देखने को मिली जब शनिवार को नगर निगम का सफाई अमला गलगला चौक में उस जगह पहुंचा जहां टूटे डस्टबिन जिम्मेदारों को पिछले कई दिनों से मुंह चिढ़ा रहे थे।
विदित हो कि नवभारत ने विगत 12 जून के अंक में रखरखाव के अभाव में डस्टबिन दुर्दशा का शिकार के शीर्षक की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी जिसके बाद जिम्मेदार अफसरों की नींद खुली और फिर उन्होंने सफाई अमले को निर्देश देकर गलगला चौक के खस्ताहाल डस्टबिनों को अलग कराया। खस्ताहाल डस्टबिनों के हटते ही स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों ने नवभारत के प्रति आभार व्यक्त किया।
अब नहीं करना पड़ेगा दुर्गंध का सामना
जानकारी के अनुसार गलगला चौक पर लगाए गए डस्टबिनों की बात की जाए इसमें स्थानीय व्यापारी कचरा तो फेंकते थे लेकिन इसे सफाई कर्मियों द्वारा नियमित रूप से साफ नहीं किया जाता रहा.. मौजूदा स्थिति ये हुई कि इसके पास से जो कोई भी गुजरता है उसे सड़ी दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा था। अब डस्स्बिनों के हटने के बाद स्थानीय दुकानदारों को दुर्गंध का सामना नहीं करना पड़ेगा। उधर कुछ लोगों ने ये भी नगर निगम से मांग की है कि उनके इलाके में नई डस्टबिनों को रखा जाए जिससे स्थानीय दुकानदारों का कचरा उसमें रखा जा सके।
