
जबलपुर। जिला उपभोक्ता आयोग ने शीतलपुरी गृह निर्माण सहकारी समिति जबलपुर को सेवा में गंभीर कमी का दोषी ठहराते हुए 37 वर्ष पहले बुक किए गए 1500 वर्गफुट प्लाट की रजिस्ट्री कर कब्जा देने या वर्तमान कलेक्टर गाईडलाइन के अनुसार उसका बाजार मूल्य चुकाने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक कष्ट के लिए 25 हजार और वाद व्यय के तीन हजार रुपये देने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल परिवादी न्यू जगदम्बा कालोनी निवासी कुंजीलाल सरावगी ने अधिवक्ता अरुण जैन के माध्यम से परिवाद दायर कर बताया कि उन्होंने 1988 में 30 हजार रुपये के प्लाट के लिए 15 हजार रुपये जमा किए थे, लेकिन समिति ने आज तक न रजिस्ट्री की, न कब्जा दिया। शिकायतों के बाद समिति ने उनकी सहमति के बिना 42,950 रुपये का चेक भेजकर मामला खत्म करने की कोशिश की। आयोग ने समिति का समय बाधित होने का तर्क खारिज करते हुए कहा कि पात्र सदस्य को प्लॉट देने के बजाय एकतरफा चेक भेजना मनमाना और दुर्भावनापूर्ण कृत्य है। आयोग ने 60 दिन के भीतर प्लाट की रजिस्ट्री या बाजार मूल्य का भुगतान करने का आदेश दिया है। भुगतान में देरी होने पर 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
