
भोपाल। मप्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर गति पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक प्रदेश में मानसून के 15 से 18 जून के बीच पहुंचने की संभावना है। इससे पहले प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय हैं। कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है, वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई है।
प्री-मानसून की बारिश जहां लोगों को गर्मी से राहत दे रही है, वहीं तेज आंधी कई जगहों पर परेशानी का कारण बन रही है। श्योपुर जिले में आंधी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला, जहां अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर नुकसान हुआ और जिले में करीब एक इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा सागर जिले में भी मौसम बदला और करीब आधा इंच पानी गिरा। जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी समेत कई जिलों में आंधी के साथ बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
हालांकि, जून महीने की शुरुआत में हुई बारिश के आंकड़े प्रदेश के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में अब तक औसत से करीब 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की कमी ज्यादा बनी हुई है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में सामान्य से करीब 55 प्रतिशत तक कम वर्षा हुई है।
वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है। यहां बारिश का आंकड़ा औसत से करीब 2 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के प्रदेश में प्रवेश के बाद बारिश की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है।
