दतिया :वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने आज शनिवार को अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। वन परिक्षेत्राधिकारी गोराघाट के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र गोराघाट के रेंजर सत्येंद्र धाकड़ समस्त स्टाफ एवं गोराघाट पुलिस के सहयोग से यह अभियान चलाया गया।
विभाग को सूचना मिली थी कि गोराघाट वन परिक्षेत्र की बीट हिनोतिया पूर्व के कक्ष क्रमांक पी-100 में स्थित महुअर सिंध नदी संगम पर शांतेश्वर घाट के पास अवैध रूप से रेत का उत्खनन किया जा रहा है। सूचना पर तत्काल टीम गठित कर मौके पर दबिश दी गई। यहां नदी में रेत निकालने के लिए अवैध रूप से पनडुब्बी संचालित की जा रही थी।
टीम को देखते ही रेत माफिया के लोग मौके से भाग निकले। तलाशी के दौरान घाट पर एक पनडुब्बी मशीन मिली, जिसका उपयोग नदी की गहराई से रेत निकालने में किया जा रहा था।
हथौड़ा-संबल से तोड़ी, इंजन में भर दी रेत
वन विभाग की टीम ने मौके पर ही पनडुब्बी को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू की। कर्मचारियों ने हथौड़ा और संबल की मदद से पनडुब्बी के ढांचे को पूरी तरह तोड़ दिया। इसके बाद उसके इंजन में रेत भरकर उसे बेकार कर दिया गया। साक्ष्य नष्ट न हो और दोबारा उपयोग न हो सके, इसके लिए पनडुब्बी में आग लगाकर उसे पूरी तरह जलाकर नष्ट कर दिया गया।
वन परिक्षेत्राधिकारी गोराघाट ने बताया कि क्षेत्र में अवैध उत्खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नदियों के प्राकृतिक प्रवाह और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि रेत माफिया लगातार जंगलों से लगे नदी क्षेत्रों को निशाना बना रहे हैं, लेकिन विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है।
लगातार मिल रही थीं शिकायतें
स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से शांतेश्वर घाट पर अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें की जा रही थीं। रात के अंधेरे में पनडुब्बी डालकर बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही थी, जिससे नदी का जलस्तर प्रभावित हो रहा था और घाट का स्वरूप बिगड़ रहा था। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यह संयुक्त कार्रवाई की गई।
विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि दोबारा इस क्षेत्र में अवैध उत्खनन पाया गया तो मशीनों को जब्त करने के साथ-साथ संबंधितों के खिलाफ वन अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान वन विभाग का अमला और सिनावल पुलिस के जवान बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
