इंदौर: वायरल गर्ल की याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जहां याचिका में त्रुटियां पाए जाने पर कोर्ट ने सुधार के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई 23 जून तय की है.याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनके दस्तावेजों में हेरफेर कर उनकी वैध शादी को अवैध साबित करने की साजिश रची गई. उन्होंने दावा किया कि उनके पिता ने जन्म संबंधी रिकॉर्ड में बदलाव कर उन्हें नाबालिग दिखाने की कोशिश की, जबकि वे बालिग हैं. याचिका में यह भी कहा गया है कि छोटे भाई के दस्तावेजों को उनका बताकर गलत जानकारी प्रस्तुत की गई.
वायरल गर्ल को फिल्मों में काम के दौरान केरल में शूटिंग के समय एक युवक से मुलाकात हुई थी, जिसके बाद मार्च 2026 में दोनों ने विवाह कर लिया. शादी के बाद विवाद तब बढ़ा जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने विवाह के समय उनकी उम्र करीब 16 वर्ष होने की आशंका जताई. इसके बाद खरगोन पुलिस ने युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया. याचिका में यह भी आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर शादी को लेकर भ्रामक प्रचार किया गया और मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई. दंपति ने कोर्ट से जन्म प्रमाण पत्र बहाल करने और रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वरिष्ठ वकील पीवी दिनेश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए. वहीं, सरकार की ओर से याचिका में खामियां बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई गई, साथ ही जन्म प्रमाण पत्र की प्रति को लेकर भी सवाल उठाए गए. इस दौरान मूल प्रमाण पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया. कोर्ट ने याचिका में मौजूद कमियों को दूर करने और जन्म प्रमाण पत्र की स्पष्ट प्रति रिकॉर्ड में प्रस्तुत करने के लिए 10 दिन का समय दिया है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 23 जून को होगी
