वाशिंगटन | मध्य पूर्व में दशकों से चले आ रहे परमाणु तनाव को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देंगे। ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ एक ‘फ्रेमवर्क समझौता’ तैयार हो गया है, जो तेहरान के परमाणु कार्यक्रमों पर स्थायी रूप से अंकुश लगाएगा।
नेतन्याहू का कड़ा रुख और वैश्विक अभियान
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने संबोधन में दोहराया कि वह पिछले तीन दशकों से ईरान के परमाणु खतरों के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि जब तक वे सत्ता में हैं, ईरान परमाणु शक्ति संपन्न नहीं बन पाएगा। नेतन्याहू ने इस रणनीतिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पूर्ण सहमति व्यक्त करते हुए इसे इजरायल की सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया है।
समझौते से क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीद
व्हाइट हाउस के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता ने भी इस व्यवस्था पर अपनी सहमति जता दी है। सैन्य दबाव और क्षेत्रीय देशों—सऊदी अरब, यूएई, कतर और बहरीन—के साथ व्यापक चर्चा के बाद, एक विस्तृत समझौता ज्ञापन (MoU) तैयार किया गया है। संभवतः इस सप्ताह के अंत तक यूरोप में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे, जो न केवल इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि संपूर्ण खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता का एक नया युग लाएगा।

