सीहोर। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिले में बाल मजदूरी के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत 5 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया. बच्चों की उम्र 14 से 17 वर्ष के बीच बताई गई है और वे पिछले कई महीनों से विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत थे. संगठन के निदेशक राम रघुवंशी ने कहा कि शोषण और मजदूरी से मुक्त कराए गए प्रत्येक बच्चे के शिक्षा, सुरक्षा और गरिमा के अधिकार की पुन: स्थापना हुई है. बाल श्रम बच्चों को उनके बचपन और मूल अधिकारों से वंचित कर देता है तथा इस समस्या के खिलाफ समाज और प्रशासन को मिलकर कार्य करना होगा. बच्चों का स्थान ढाबों और फैक्ट्रियों में नहीं, बल्कि विद्यालयों में है.
पुलिस ने पांच बाल श्रमिकों को कराया मजदूरी से मुक्त
