उज्जैन: वर्षों तक विवाद, कानूनी लड़ाई और अतिक्रमण की समस्या से घिरी नीलगंगा स्थित कवेलू कारखाना की 125 बीघा बेशकीमती भूमि अब उज्जैन के विकास का नया केंद्र बनने जा रही है. कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट एक साथ यहां पर बनाए जाएंगे.
नवभारत ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था कि वर्षो से खाली पड़ी कवेलू कारखाना की जमीन मयखाना बन गई है और यहां पर जनहित के प्रोजेक्ट की लेट लतीफी हो रही है. जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा लंबे समय तक न्यायालय में पक्ष रखने तथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद अब इस भूमि पर प्रोजेक्ट विकसित करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है. नगर निगम का दावा है कि यहां बनने वाले प्रोजेक्ट न केवल शहर की आर्थिक गतिविधियों को गति देंगे, बल्कि महाकुंभ 2028 में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी उपयोगी साबित होंगे. रो हाउसेस भी यहां पर बनाए जाएंगे.
अतिक्रमण मुक्त जमीन
नीलगंगा क्षेत्र में स्थित यह भूमि लंबे समय से अतिक्रमण और मालिकाना हक के विवाद में उलझी हुई थी. जिला प्रशासन और नगर निगम ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा. पूर्व में कब्जाधारियों को नोटिस जारी किए गए और न्यायालय के आदेश के बाद 16 फरवरी 2021 को नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 150 से अधिक अवैध मकान, झुग्गी-झोपड़ियां और अन्य अतिक्रमण हटाए थे. इसके बाद भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया गया.
रियायती दरों पर आवास
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने नवभारत से चर्चा में बताया कि कवेलू कारखाना की भूमि अब रिक्त है और यहां आवासीय तथा व्यावसायिक प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे. शासन की गाइडलाइन के अनुसार रियायती दरों पर आवास उपलब्ध कराने की भी योजना है. साथ ही बड़े स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रोजेक्ट तैयार किए जाएंगे.
बड़ा मार्केट बनेगा
योजना के तहत क्षेत्र में एक बड़ा व्यावसायिक मार्केट भी विकसित किया जाएगा. महाकाल दर्शन और उज्जैन भ्रमण के लिए आने वाले श्रद्धालु यहां खरीदारी कर सकेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, नगर निगम की आय बढ़ेगी और आसपास के क्षेत्रों की जमीनों का मूल्य भी बढ़ेगा.
21 जून को दिल्ली में रूपरेखा
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि पूरे प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार हो चुकी है. संभवतः 21 जून को दिल्ली में शहरी आवास एवं विकास मंत्रालय की महत्वपूर्ण बैठक में इस परियोजना पर चर्चा होगी. बैठक में प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और निर्माण कार्य को गति दी जाएगी.
प्रोजेक्ट के आसपास सड़कों का जाल
कवेलू कारखाना क्षेत्र के विकास को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आसपास सड़क नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है. एक मार्ग नीलगंगा कारखाना क्षेत्र से होते हुए केटीएम शोरूम और गेल इंडिया लिमिटेड तक पहुंच रहा है, जबकि दूसरा फोरलेन मार्ग मंछामन कॉलोनी, नंदी चौराहा, नीलगंगा चौराहा और हरी फाटक क्षेत्र को जोड़ रहा है. इन मार्गों के इंदौर रोड से जुड़ने के बाद पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.
