
छतरपुर। बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल की जयंती के अवसर पर संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन छतरपुर एवं महाराजा छत्रसाल महोत्सव विरासत समिति, मऊसहानियाँ के सहयोग से 17 एवं 18 जून को विरासत महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान शौर्यपीठ, मऊसहानियाँ में आयोजित इस दो दिवसीय महोत्सव में लोकगायन, लोकनाट्य और संगीत आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा तथा प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।
संस्कृति विभाग के संचालक एन.पी. नामदेव ने बताया कि महाराजा छत्रसाल केवल बुंदेलखंड ही नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के गौरव हैं। नई पीढ़ी को महापुरुषों के योगदान और विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से यह आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है।
महोत्सव के प्रथम दिवस 17 जून को वंदना श्री, मथुरा द्वारा मयूर नृत्य, बरसाने की होली एवं महारास की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद राजेश लिटोरिया, दतिया के निर्देशन में ‘महारानी गणेशकुंअरि’ नाट्य का मंचन होगा, जबकि विकास सिरमोलिया एवं साथी, भोपाल द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी।
दूसरे दिन 18 जून को मुस्कान प्रजापति एवं साथी, दिल्ली द्वारा बुंदेली लोकगायन, समप्रिया निषाद एवं साथी, दुर्ग द्वारा पंडवानी गायन तथा सुमित मिश्रा, ओरछा द्वारा ‘धन्य-धन्य बुंदेल धरा’ की प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रमों में बुंदेलखंड की संस्कृति, शौर्य और पराक्रम की झलक देखने को मिलेगी।
