नई दिल्ली। मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक दल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में गुरुवार को दिल्ली पहुंचा। कांग्रेस विधायकों का उद्देश्य राष्ट्रपति भवन तक मार्च कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर राज्यसभा चुनाव से जुड़े मुद्दों को उठाना था। इसके लिए पहले से समय भी मांगा गया था, लेकिन प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात का समय नहीं मिल सका। इसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में उमंग सिंघार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक विधायक लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करता है, ऐसे में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को मिलने का समय नहीं दिया जाना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
सिंघार ने राज्यसभा चुनाव के दौरान मध्यप्रदेश में हुए घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को निरस्त किया जाना गलत निर्णय था। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में राज्यसभा चुनाव के लिए नियुक्त रिटर्निंग ऑफिसर की बातचीत का भी हवाला सामने आया, जिसमें कथित रूप से यह स्वीकार किया गया कि फैसला सही नहीं था, लेकिन प्रशासनिक सीमाओं के चलते वे कुछ नहीं कर सके। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को आगे भी राजनीतिक और संवैधानिक स्तर पर उठाएगी।
