कम्पाला 11 जून (वार्ता) युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने बुधवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश में इबोला के प्रकोप में कमी आयी है। गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश में इबोला के कुल 19 मामले सामने आए हैं, जिनमें दो मौतों की पुष्टि हुई है और पांच मरीज ठीक हो चुके हैं। राहत की बात यह है कि पिछले सप्ताह से इन आंकड़ों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। राष्ट्रपति मुसेवेनी ने अपने संबोधन में कहा, “पिछले पांच दिनों से कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है। ऐसा लग रहा है कि इबोला का प्रभाव अब घटने लगा है।
इसलिए, कृपया ध्यान दें कि हमें अभी बहुत काम करना बाकी है। हमें इसे पूरी गंभीरता से लेना होगा और लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं छोड़नी चाहिए। निर्देशों को ध्यान से सुनें और उसी के अनुसार कार्य करें। इस बीमारी को रोकना आसान है। हमने अतीत में भी इसे रोका था और हम इसे अब भी रोक सकते हैं।” युगांडा में सामने आए सभी मामलों के तार पड़ोसी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो से आने वाले यात्रियों से जुड़े हैं, जो इस प्रकोप का मुख्य केंद्र बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि डीआरसी के साथ साझा सीमा होने के कारण युगांडा में अभी भी जोखिम का स्तर काफी ऊंचा है। हालांकि, संगठन ने दोनों देशों के बीच यात्रा प्रतिबंध लगाने के खिलाफ सलाह दी है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, वायरस के प्रसार को रोकने में सीमा पर थर्मल स्क्रीनिंग और कड़ी निगरानी अधिक मददगार साबित हो सकती है।

