इंदौर: शहर में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने और प्रत्येक परिवार को वर्षा जल संचयन से जोड़ने के उद्देश्य से महापौर पुष्यमित्र भार्गव लगातार विभिन्न वार्डों में पहुंचकर नागरिकों से संवाद कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने विधानसभा-1 अंतर्गत वार्ड क्रमांक-9 का दौरा कर जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया तथा नागरिकों को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया।
दौरे के दौरान महापौर ने क्षेत्र में स्थापित वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का अवलोकन किया और उन घरों का भी निरीक्षण किया, जहां रहवासी वर्षा जल संचयन के माध्यम से जल संरक्षण का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे परिवारों की सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायी है और प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों से संवाद करते हुए महापौर ने कहा कि जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी भी है। यदि हर घर में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था विकसित हो जाए तो भविष्य में जल संकट की चुनौतियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
दौरे के दौरान महापौर ने मानसून पूर्व व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की और नगर निगम अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है, वहां समय रहते सुधारात्मक कार्य किए जाएं ताकि नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। विशेष रूप से संकरी गलियों और संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाने तथा नालियों में जमा गाद, कचरा एवं अन्य अवरोधों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए।
महापौर ने अधिकारियों से कहा कि जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए ताकि वर्षा के दौरान पानी का प्रवाह बाधित न हो और जलभराव की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने मानसून पूर्व सभी ड्रेनेज एवं सफाई कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही महापौर ने शहर में विभिन्न एजेंसियों द्वारा किए गए सड़क खुदाई कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां-जहां सड़कें खोदी गई हैं, वहां रेस्टोरेशन कार्य बारिश शुरू होने से पहले अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्य नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा सकते हैं। इसलिए सभी संबंधित विभाग तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें।
इस अवसर पर स्वच्छता प्रभारी एवं एमआईसी सदस्य अश्विनी शुक्ला, वार्ड क्रमांक-9 के पार्षद राहुल जायसवाल, महापौर प्रतिनिधि शैलू दवे, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।महापौर ने कहा कि इंदौर की पहचान केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी शहर को देश के लिए उदाहरण बनाना है। इसके लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण आधार है।
