नई दिल्ली | भारत सरकार के कृषि मंत्रालय ने नेपाल द्वारा भारतीय आमों के आयात पर रोक लगाए जाने संबंधी खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। नेपाल स्थित प्लांट क्वारंटाइन एंड पेस्टिसाइड मैनेजमेंट सेंटर ने भी स्पष्ट किया है कि व्यापार सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। व्यापारियों को केवल निर्धारित कागजी औपचारिकताओं और नियमों का पालन करना अनिवार्य है, जिसके बाद सीमा पार आमों की सुचारू आपूर्ति जारी है।
निर्यात के आंकड़े और व्यापारिक स्थिति
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक भारत से 2,005 मीट्रिक टन आमों का निर्यात नेपाल को किया जा चुका है, जिसमें जून माह की 18 खेपें भी शामिल हैं। यह स्पष्ट करता है कि निर्यात की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के चल रही है। भारत सरकार ने दोहराया है कि हमारे व्यापारी नेपाल द्वारा हाल ही में लागू किए गए ‘हॉट वॉटर ट्रीटमेंट’ मानकों का पालन करते हुए आमों की सप्लाई कर रहे हैं।
नए नियमों पर भारत की पहल
नेपाल द्वारा ‘हॉट वॉटर ट्रीटमेंट’ का नियम बिना पूर्व परामर्श के लागू करने पर भारत ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों (WTO और IPPC) के तहत चिंता व्यक्त की है। भारत सरकार इस मुद्दे पर नेपाल के साथ संवाद कर रही है ताकि व्यापार में सरलता बनी रहे। सरकार ने सभी व्यापारियों और नागरिकों से सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से बचने और आधिकारिक सरकारी बयानों पर ही भरोसा करने की अपील की है।

