
भोपाल। मध्यप्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के बाद मामला अब भारत निर्वाचन आयोग के पाले में है। कांग्रेस की शिकायत पर निर्वाचन आयोग अपने लीगल सेल और वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श कर रहा है। सूत्रों के अनुसार आयोग इस मामले में आज शाम या अधिकतम कल गुरुवार सवेरे तक निर्णय ले सकता है, क्योंकि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि कल गुरुवार को है।
जैसा कि पता है मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा शपथपत्र (फॉर्म-26) में एक लंबित न्यायिक प्रकरण की जानकारी नहीं देने के आधार पर निरस्त किया गया था। भाजपा की ओर से इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने उम्मीदवार से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर नामांकन खारिज कर दिया गया।
निर्वाचन अधिकारियों का मानना है कि संबंधित न्यायालय द्वारा मामले का संज्ञान लिया जा चुका था और समन भी जारी किया गया था, इसलिए इसकी जानकारी शपथ पत्र में देना अनिवार्य था। इसी आधार पर नामांकन को अमान्य घोषित किया गया।
दूसरी ओर कांग्रेस ने इस फैसले को चुनौती देते हुए इसे अनुचित और राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताया है। पार्टी का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई विधिवत आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और केवल न्यायालय का नोटिस प्राप्त हुआ था। कांग्रेस का दावा है कि नामांकन पत्र में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं छिपाई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर चुका है। प्रतिनिधिमंडल ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को निरस्त कर नामांकन स्वीकार करने की मांग की है।
सूत्रों के मुताबिक निर्वाचन आयोग इस पूरे प्रकरण के कानूनी पहलुओं की गहन समीक्षा कर रहा है। आयोग के समक्ष यह सवाल भी है कि नामांकन निरस्त करने का निर्णय चुनावी नियमों और न्यायिक व्याख्याओं के अनुरूप था या नहीं। चूंकि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि नजदीक है, इसलिए आयोग इस पर जल्द निर्णय लेकर स्थिति स्पष्ट कर सकता है।
