लखनऊ, 10 जून ( वार्ता) उत्तर प्रदेश में आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को और तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए योगी सरकार अब आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन – ईओडब्ल्यू – को आधुनिक तकनीक और सुदृढ़ अनुश्रवण तंत्र से लैस करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ईओडब्ल्यू की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण, दोषसिद्धि दर बढ़ाने और वांछित अभियुक्तों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि संगठन ने 2026 में 31 मई तक 155 जांच, विवेचना और अनुवर्ती कार्यवाहियां निपटा दी हैं और 71 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है।
योगी ने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी, जालसाजी, गबन और अन्य आर्थिक अपराध न केवल सरकारी संसाधनों को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि आम नागरिकों के भरोसे को भी तोड़ते हैं। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर और समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुराने मामलों के निस्तारण में तेजी लाने और वांछित अभियुक्तों की धरपकड़ बढ़ाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने जांच, विवेचना और फॉलो-अप के बेहतर प्रबंधन के लिए विकसित किए गए केस मैनेजमेंट सिस्टम – सीएमएस – के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए। यह सिस्टम मामलों का डिजिटल प्रबंधन, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डैशबोर्ड आधारित अनुश्रवण की सुविधा देता है। उन्होने कहा कि तकनीक आधारित व्यवस्था से जांच की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच अधिकारी किसी मामले को तीन महीने से अधिक अपने पास लंबित न रखें और इस संबंध में उनकी जवाबदेही तय की जाए। जहां पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं, वहां अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को गति देने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने सुदृढ़ पैरवी, गुणवत्तापूर्ण विवेचना और साक्ष्य संकलन के जरिए अधिक मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग हो और दोषियों को कानून के अनुसार दंडित कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने आर्थिक अपराधों की रोकथाम के लिए जनजागरूकता को भी जरूरी बताया। ईओडब्ल्यू द्वारा चलाए जा रहे “जागरूकता, जानकारी, बचाव” अभियान को और विस्तार देने को कहा गया ताकि वित्तीय धोखाधड़ी, निवेश संबंधी ठगी, पोंजी स्कीम, मल्टीलेवल मार्केटिंग, चिट-फंड घोटाले और साइबर फ्रॉड से लोग बच सकें।
उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों में तकनीक का उपयोग किया जाए। बैठक में संगठन की क्षमता वृद्धि, अधिकारियों और विवेचकों के प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और संगठन विस्तार पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक अपराधों की प्रकृति लगातार जटिल हो रही है, इसलिए जांच एजेंसियों को आधुनिक संसाधनों, तकनीकी दक्षता और प्रभावी कार्यप्रणाली से सुसज्जित करना जरूरी है ताकि आर्थिक अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
