भोपाल। जिला प्रशासन ने चार दिन पहले शनिवार को इंद्रपुरी लेवर कालोनी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी. इस दौरान वहां पर 55 मकान और 70 दुकानें तोड़ी गई थी. लेकिन इससे पहले उनके विस्थापन की कोई व्यवस्था नहीं की गई. जिस वजह से चार दिनों से सभी खुले में रहने को मजबूर हैं. लेवर कालोनी के रहवासियों ने विस्थापन को लेकर नगर निगम परिषद की बैठक के दौरान सभागार के बाहर धरना व प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने बताया कि हम लोग वहां पर विगत 40 वर्षों से रह रहे थे. इस कार्रवाई से पहले प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि मकान हटाने से पहले उन्हें वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. प्रदर्शन के बाद पीड़ितों ने महापौर को ज्ञापन देकर पुनर्वास, आवास और दुकान आवंटन की मांग की.
खाने तक को हो रहे हैं परेशान
निगम परिषद के सभागार के बाहर इंद्रपुरी की लेवर कालोनी के रहवासियों ने प्रदर्शन में महिला पुरुष भी शामिल थे उनमें से एक महिला सरोज मेहरा ने बताया कि उनका घर और दुकान दोनों टूट गए हैं. खुले आसमान के नीेचे रहने को मजबूर हैं. तीन दिन से चूल्हा नहीं जला है. बच्चों के लिए खाने तक की व्यवस्था नहीं है. घर का सारा सामान बाहर पड़ा है. कोई जनप्रतिनिधि हमारी सुध लेने नहीं आया. वहीं ज्योति यादव ने बताया कि उनका मायका और ससुराल दोनों इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी में हैं. घर टूटने के बाद पूरा परिवार बेघर हो गया है. ‘मेरे पति बीमार हैं और छोटी बेटी की जिम्मेदारी भी मेरे ऊपर है. अब रहने की कोई जगह नहीं बची है. बारिश के मौसम में समझ नहीं आ रहा कि परिवार को लेकर कहां जाएं.
