उज्जैन: विक्रम उद्योगपुरी के दूसरे चरण का रास्ता साफ हो गया है. राज्य सरकार ने किसानों से जमीन अधिग्रहण के लिए 87 लाख 82 हजार 500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा तय कर कैबिनेट से मंजूरी दे दी है.एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने बताया कि उज्जैन में औद्योगिक विस्तार के लिए 7 गांवों की कृषि भूमि ली जाएगी.
उद्योगपुरी में पहले से ही 56 कंपनियां आ चुकी हैं, जिनमें एक दर्जन से अधिक फैक्ट्रियां चालू हो गई हैं.हजारों युवाओं को रोजगार मिला है. अब दूसरे चरण में भी विकास की उम्मीदें जगी हैं. सरपंच-सचिवों को किसानों को समझाने की जिम्मेदारी दी गई है. गाइडलाइन के मुताबिक भूमि का मूल्य 1.15 करोड़ प्रति हेक्टेयर आंका गया है.
इधर किसानों में असंतोष है उनका कहना है कि 60 से 80 लाख प्रति बीघा की मांग की गई थी, जबकि जो मुआवजा तय किया गया है वह ऊंट के मुंह में जीरे जैसा है. किसानों ने चेतावनी दी है कि उचित मुआवजा नहीं मिला तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे.
