हाईकोर्ट ने बरती सख्ती, मिला वरिष्ठता का लाभ, पदोन्नति का विवाद सुलझा

जबलपुर: हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ के सख्त निर्देश के बाद एसईसीएल के कर्मचारी शेख रहमत को लंबे समय से लंबित वरिष्ठता का लाभ मिल गया।कलेसर निवासी शेख रहमत की नियुक्ति 25 अक्टूबर 1989 को बीटीएल पद पर हुई थी, लेकिन समय पर पदोन्नति और वरिष्ठता नहीं मिलने पर उन्होंने विभागीय स्तर पर कई अभ्यावेदन दिए।

दरअसल, क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक जोहिला क्षेत्र ने वर्ष 2021 और 2023 में एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर को पत्र लिखकर वरिष्ठता सूची में सुधार और पदोन्नति दिए जाने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद कार्रवाई न होने पर शेख रहमत ने हाईकोर्ट की शरण ली। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का 90 दिनों के भीतर निराकरण कर निर्णय से अवगत कराया जाए। हाइ कोर्ट के आदेश के परिपालन में एसईसीएल प्रबंधन ने शेख रहमत को एक मार्च 2013 से ग्रेड.बी की वरिष्ठता प्रदान कर दी। संशोधित वरिष्ठता सूची में उनका नाम रविशंकर राजवाड़े से ऊपर दर्ज किया गया है

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