
सिंगरौली । देवसर स्थित पंचम अपर सत्र न्यायालय ने बहुचर्चित हत्या प्रकरण में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश सोनल चौरसिया द्वारा फैसला सुनाते हुए आरोपी शिवसागर उर्फ रिंकू बियार उम्र 25 वर्ष, अंशू बियार उम्र 26 वर्ष तथा उमेश उर्फ मुनेश कुमार बियार उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम गोंदवाली थाना बरगवां को हत्या और साक्ष्य मिटाने के अपराध में दोषी पाया। अपर लोक अभियोजक मारकण्डेय मणि त्रिपाठी के अनुसार घटना 5 जून 2022 से 7 जून 2022 के बीच की है। आरोपियों ने मृतक सुरेश कुमार बैस उर्फ नारद की हत्या की साजिश रची।
योजना के तहत मृतक को उसके सिंचाई वाले कुएं के पास शराब पिलाई गई। इसके बाद रिंकू बियार ने उसके गले में रस्सी कस दी, जबकि अंशू बियार ने लोहे की रॉड से सिर व शरीर पर हमला किया। हत्या के बाद शव को कुएं में फेंक दिया गया। 7 जून 2022 की सुबह ग्रामीणों ने कुएं में शव तैरता देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक ने पक्ष रखा। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को धारा 302 सहपठित 120बी भादंसं के तहत आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 भादंसं के तहत 7 वर्ष सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न चुकाने पर अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
