उज्जैन: जब पूरा शहर नींद की आगोश में था ऐसे में बीती रात 2 बजे नगर निगम और अन्य सरकारी विभागों के तीन दर्जन से अधिक अधिकारी कर्मचारी पहुंचे और मार्ग के दोनों छोर पर लाल निशान लगा दिए गए, दरअसल 24 खंबा से लगाकर हरसिद्धि की पाल तक चौड़ीकरण होगा जिसमें 350 से ज्यादा मकान दुकान टूटेंगे.
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच शहर के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक मार्गों में शामिल 24 खंभा कहारवाड़ी, दुग्गड धर्मशाला से लेकर हरसिद्धि की पाल (छोटा रुद्रसागर) तक सड़क चौड़ीकरण की कवायद अब जमीन पर दिखाई देने लगी है. शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात के अंधेरे में हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र के रहवासियों, व्यापारियों और मकान मालिकों में हड़कंप मच गया है.
60 फीट चौड़ी होगी सड़क
प्रस्तावित योजना के अनुसार इस मार्ग को लगभग 60 फीट तक चौड़ा किया जाना है, जबकि स्थानीय रहवासी और व्यापारी लगातार मांग कर रहे हैं कि सड़क की चौड़ाई 45 फीट रखी जाए. उनका कहना है कि 60 फीट चौड़ी सड़क बनने से बड़ी संख्या में मकान और दुकानें प्रभावित होंगी तथा लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.
धरना प्रदर्शन और गुहार
रहवासियों का कहना है कि उन्होंने पूर्व में इस मामले को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन भी सौंपा था. ज्ञापन में मुख्यमंत्री के नाम मांग रखी गई थी कि चौड़ीकरण की सीमा कम की जाए. उस समय प्रशासन की ओर से मामले पर विचार करने और निर्णय लेने का आश्वासन भी दिया गया था, अब जिस प्रकार अचानक रात को निशान लगा दिए गए हैं, उससे प्रभावित परिवारों में चिंता और असमंजस की स्थिति बन गई है.
हाथों से हटाना पड़ेंगे आशियाने
स्थानीय लोगों का कहना है कि निशान लगने के बाद अब उन्हें न केवल अपने मकान और दुकानें खाली करनी पड़ सकती हैं, बल्कि अपने हाथों से ही वर्षों पुराने आशियानों को हटाने की नौबत भी आ सकती है. उनका मानना है कि यदि नगर निगम ने बुलडोजर और पोकलेन मशीनों के जरिए कार्रवाई शुरू कर दी तो नुकसान और अधिक बढ़ जाएगा. इसी कारण कई लोग चाहते हैं कि उन्हें स्वयं निर्माण हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए.
सीएम की मंशानुसार विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सिंहस्थ-2028 को अब तक का सबसे भव्य, सुव्यवस्थित और सफल सिंहस्थ बनाने की दिशा में लगातार काम किए जा रहे हैं. इसी दृष्टि से महाकाल मंदिर, हरसिद्धि मंदिर, बड़ा गणेश मंदिर, चारधाम मंदिर तथा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले मार्गों का विस्तार किया जा रहा है.
पूरा क्षेत्र धार्मिक
यह मार्ग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. मोक्षदायिनी शिप्रा में स्नान करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरसिद्धि मंदिर, महाकाल मंदिर, बड़ा गणेश मंदिर, चारधाम मंदिर तथा अन्य देवालयों के दर्शन के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं. यही कारण है कि वर्षभर यहां सबसे अधिक भीड़ दिखाई देती है। सिंहस्थ और बड़े पर्वों के दौरान तो श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ता है.
धार्मिक स्थल भी जद में
नवभारत को मिली जानकारी के अनुसार चौबीस खंभा माता मंदिर से छोटा रुद्रसागर (हरसिद्धि की पाल) तक प्रस्तावित चौड़ीकरण से लगभग 350 मकान और दुकानें प्रभावित हो सकती हैं. स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में स्थित कुछ प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक भवन भी इसकी जद में आ सकते हैं. व्यापारियों का तर्क है कि 60 फीट चौड़ी सड़क उनकी आजीविका पर गंभीर असर डालेगी, इसलिए वे चौड़ाई को 45 फीट तक सीमित रखने की मांग कर रहे हैं
