
इंदौर। द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद में हुई युवक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. मामले में मृतक का भाई ही हत्यारा निकला, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर मृतक की पत्नी को झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची थी. पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
घटना 4 जून 2026 को सूर्यदेव नगर नाथ मोहल्ला की है, जहां हरीश पिता नरेन्द्र शितोले को चाकू लगने से गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहां अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी मौत हो गई. शुरुआत में मृतक की मां और कुछ महिलाओं ने पत्नी शीतल पर हमला करने का आरोप लगाया, लेकिन जांच में यह तथ्य सामने आया कि घटना के समय शीतल थाने में मौजूद थी. इसके बाद परिजनों ने बयान बदलकर आत्महत्या की बात कही. जांच में सामने आया कि हरीश के घर में पत्नी के चरित्र को लेकर विवाद हुआ था. इस दौरान भाई प्रद्युम्न और पिता नरेन्द्र ने शीतल को घर से बाहर निकाल दिया. शीतल ने पति को सूचना दी, जिस पर हरीश घर पहुंचा और विरोध करने लगा. विवाद के दौरान प्रद्युम्न ने चाकू से हरीश की जांघ पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद आरोपी उसे अस्पताल ले गए और डॉक्टरों को भ्रामक जानकारी देते हुए गिरने की बात कही, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मृत्यु के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने और पत्नी को फंसाने की साजिश रची. आरोपी पूजा ने घटनास्थल से खून साफ किया और चाकू छिपा दिया. सभी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग अलग बयान दिए. वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सच्चाई उजागर करते हुए हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और आपराधिक षड्यंत्र के तहत प्रकरण दर्ज कर प्रद्युम्न सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मामले के खुलासे में थाना प्रभारी मनीष मिश्रा सहित पुलिस टीम और साइबर सेल की अहम भूमिका रही.
