पुराने फ्रीगंज ब्रिज के संग उभरेगी विकास की नई राह


उज्जैन:अंग्रेजों के दौर में बने पुराने पुल को फिलहाल यथावत रखा जा रहा है, जबकि उसके साथ आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई शाखा विकसित की जा रही है. सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच शहर के सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में शामिल फ्रीगंज ब्रिज क्षेत्र अब नए स्वरूप में नजर आने वाला है. लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने ऐतिहासिक फ्रीगंज पुल के समानांतर नया पुल आकार ले रहा है, जिससे न केवल यातायात का दबाव कम होगा बल्कि पूरे क्षेत्र का सौंदर्य भी निखरेगा.
यह पुल पुराने और नए उज्जैन को जोड़ने वाली जीवनरेखा माना जाता है. वर्तमान में रैलियों, धार्मिक आयोजनों, जुलूसों और दैनिक यातायात के कारण यहां अक्सर दबाव की स्थिति बनती है. सिंहस्थ-2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित आवाजाही को देखते हुए समानांतर पुल को क्राउड मैनेजमेंट की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है.

चामुंडा चौराहे के आगे दो शाखा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भूमिपूजन के बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. नई शाखा का एक हिस्सा चामुंडा माता चौराहे से ग्रांट होटल क्षेत्र की ओर विकसित होगा, जबकि दूसरा हिस्सा स्टडी होम स्कूल के सामने मक्सी रोड ब्रिज के नीचे तक पहुंचेगा. इससे शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम और व्यवस्थित हो सकेगा.

प्रतिमा, गुमटी ठेले होंगे शिफ्ट
पुल निर्माण के साथ-साथ आसपास के पूरे क्षेत्र को भी नए सिरे से विकसित किया जा रहा है. बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा और उद्यान को व्यवस्थित रूप से स्थानांतरित करने की तैयारी है. वहीं वर्षों से चौराहे के आसपास संचालित चाय की गुमटियां, ठेले और स्थायी, अस्थाई अतिक्रमण भी हटाए जाएंगे, जिससे यातायात और सौंदर्य दोनों को लाभ मिलेगा.

पूरे क्षेत्र का विकास
चौराहे से धन्नालाल की चाल, महापौर एवं आयुक्त बंगला मार्ग, फ्रीगंज टावर मार्ग तथा स्टडी होम स्कूल मार्ग तक के हिस्सों को एकीकृत रूप से विकसित करने की योजना है. सड़क चौड़ीकरण, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, हरित क्षेत्र और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था के माध्यम से यह पूरा इलाका शहर के आकर्षक प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जाएगा.

क्षेत्र की कीमत बढ़ेगी
नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान भी इसी योजना का हिस्सा है. पुल और चौराहे के आसपास मौजूद अव्यवस्थित निर्माणों को हटाकर क्षेत्र को खुला और व्यवस्थित स्वरूप दिया जा रहा है. विकास कार्यों का असर आसपास की संपत्तियों पर भी दिखाई देगा, क¸ीमत बढ़ेगी और क्षेत्र की व्यावसायिक तथा आवासीय उपयोगिता में वृद्धि होने की संभावना है.

आधुनिक बनेंगे सरकारी भवन
फ्रीगंज ब्रिज क्षेत्र में स्थित एमपीआरडीसी, पी डब्लू डी, सेतु निगम और अन्य विभागीय कार्यालयों के कायाकल्प की भी तैयारी है. पुराने भवनों के स्थान पर आधुनिक कार्यालय परिसरों के निर्माण की योजना पर काम चल रहा है. इसके लिए नए स्थानों का चयन और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया जारी है. यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी होती हैं तो सिंहस्थ से पहले यहां आधुनिक प्रशासनिक अधोसंरचना भी विकसित हो सकती है

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