युवाओं को संगठन से जमीनी स्तर पर जोड़ने का पुरस्कार मिला मीनाक्षी को

इंदौर: कांग्रेस ने मंदसौर की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है. मीनाक्षी को राहुल गांधी के इनर सर्कल के नेता माना जाता है. उनकी युवाओं को संगठन से जोड़ने के जमीनी स्तर पर कार्य करने का पुरस्कार स्वरूप राज्यसभा उम्मीदवारी मिली है.मीनाक्षी का राजनीतिक सफर अलग तरह का माना जाता है, क्योंकि वे लॉ ग्रेजुएट होने से सोच समझ वाली महिला नेता की छवि बनाने में सफल रही है.

उनको राजनीति में एनएसयूआई और युवक कांग्रेस के चुनाव का जनक माना जाता है, जब राहुल गांधी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव बनकर एनएसयूआई और युवक कांग्रेस के प्रभारी बने थे. उनके साथ मीनाक्षी नटराजन ने कांग्रेस संगठन मजबूत करने के लिए एनएसयूआई और युवक कांग्रेस में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव करा कर ब्लॉक से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का तरीका इजाद किया है.

इसके पहले कांग्रेस में उपर से नेताओं के कोटे से एनएसयूआई और युवक कांग्रेस भीड़ जमा करने के आधार पर बनाए जाते थे. उनकी सोच का परिणाम है कि जब वे प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष बनी तो जीतू पटवारी और उमंग सिंगार भी जिला कांग्रेस अध्यक्ष हुआ करते थे. उनकी आधुनिक और जमीनी स्तर पर कांग्रेस को संगठन स्तर पर मजबूत करने के सोच का परिणाम था कि राहुल गांधी ने उनको कांग्रेस के सबसे अहम राजीव गांधी पंचायती राज संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी. वे 2009 में मंदसौर लोकसभा से कांग्रेस सांसद बनी, लेकिन इसके पूर्व मीनाक्षी एनएसयूआई प्रदेश, युवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, फिर एनएसयूआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ नेहरू युवा केंद्र की उपाध्यक्ष भी रही है. यह बात अलग है कि वे भीड़ जमा करने वाली नेता नहीं बन सकी. यही कारण है कि 2014 में मंदसौर लोकसभा का चुनाव हार गईं.
इसके बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव बन फिलहाल तेलंगाना राज्य की प्रभारी है. उनकी संगठन कार्य क्षमता के कारण राहुल गांधी के इनर सर्कल की नेता की छवि राजनीतिक स्तर पर मानी जाती है. इसी का फल मीनाक्षी को राहुल ने राज्यसभा का उम्मीदवार बना कर पुरस्कृत किया है, ताकि आगे कांग्रेस के संगठन स्तर पर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सके.

विजयवर्गीय के बयान के मायने
कांग्रेस से मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने पर आज मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राज्यसभा चुनाव में मतदान कराने का बयान दिया. विजयवर्गीय ने कहा कि पार्टी ने दो उम्मीदवार घोषित किए है, यदि तीसरा उम्मीदवार दे दें तो हम उसको भी जीता सकते हैं. इसमें अंदरूनी तौर पर खुद को भी राज्यसभा उम्मीदवार बताने की कोशिश की है. उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में परोक्ष रूप से क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं के संदर्भ में देखा जा रहा है. इस बयान के पीछे पर्दे के पीछे की भूमिका निभाने वाले कांग्रेस के कुछ नेता भी हो सकते हैं.

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