रायपुर, 05 जून (वार्ता) छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के पहले दिन शुक्रवार को विभिन्न निर्माण कार्यों और योजनाओं का निरीक्षण करते हुए धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई तथा अधिकारियों और ठेकेदारों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार साव आगामी चार दिनों तक बस्तर संभाग में रहकर निर्माण कार्यों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वह संभाग के सभी जिलों के अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे।
प्रवास के पहले दिन साव कांकेर जिले पहुंचे। उन्होंने चारामा विकासखंड के ग्राम बड़ेगौरी में जल जीवन मिशन के तहत संचालित कार्यों का जायजा लिया। यहां 2.49 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पानी टंकी और रेट्रोफिटिंग कार्य के माध्यम से 391 घरों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों के घरों में जाकर जलापूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
इसके बाद उन्होंने कांकेर में निर्माणाधीन 250 सीटर नालंदा परिसर का निरीक्षण किया। लगभग 4.71 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रहे इस परिसर के कार्यों में तेजी लाने और आगामी अक्टूबर तक इसे पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर पालिका अधिकारियों को जिला मुख्यालय के अनुरूप साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने को कहा।
साव ने अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। 40.23 करोड़ रुपये की लागत से 16 किलोमीटर लंबी इस दो-लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। कार्य की धीमी गति पर उन्होंने असंतोष जताते हुए संबंधित ठेकेदार और कार्यपालन अभियंता को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इनमें किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अतिरिक्त मशीनरी और श्रमिक लगाकर कार्य को गति देने को कहा।
उपमुख्यमंत्री ने कोटतरा में आयोजित सुशासन तिहार के जनसमस्या निवारण शिविर में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया तथा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक, सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित किए।
कांकेर विधायक आशाराम नेताम भी निरीक्षण कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित रहे।
