
दमोह.वर्तमान भाग-दौड़ भरी जीवन शैली में स्वास्थ्य, सक्रियता और खुशहाली भरे जीवन में योग और अध्यात्म बहुत ही सकारात्मक भूमिका निभाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जय गुरुदेव श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग पूरे विश्व में योग और अध्यात्म के माध्यम से अलख जगा रही है। संस्था की दमोह इकाई के वरिष्ठ प्रशिक्षक प्रशांत असाटी ने शहर के असाटी वार्ड-1 स्थित संस्कार भवन में असाटी समाज दमोह द्वारा आयोजित 5 दिवसीय कोर्स में प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि आपाधापी से भरे जीवन को सकारात्मक व तनाव मुक्त रखने के लिए शरीर, मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार, श्वास और आत्म बोध पर साधना, सेवा, सत्संग, प्राणायाम, योग, ध्यान और ज्ञान की कुंजियों के माध्यम से जीवन जीने की कला सिखाई गई। प्रशांत असाटी ने कहा कि योग और अध्यात्म का सामंजस्य हमारे जीवन में उतना ही आवश्यक है जितना भोजन।
योग हमको स्वस्थ बने रहने में मदद करता है, तो अध्यात्म जीवन में सृजनात्मकता के साथ-साथ सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करता है। शुक्रवार को कोर्स के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने कोर्स से प्राप्त अनुभव साझा किए।आर्ट ऑफ लिविंग के 5 दिवसीय योग-ध्यान कोर्स के समापन अवसर पर असाटी समाज के वरिष्ठ, महिला, युवा अध्यक्ष और सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को सार्थक बताया. कहा कि इस कार्यक्रम से प्रेरणा मिली है और ऐसे कोर्स निश्चित तौर शामिल होना चाहिए. समापन पर प्रतिभागी समाजजनों ने प्रशिक्षक प्रशांत असाटी का शाल, श्रीफल,स्मृति चिन्ह और उपहार से सम्मान कर धन्यवाद ज्ञापित किया.प्रतिभागियों ने कोर्स से प्राप्त अनुभव साझा करते हुए योग व ध्यान को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया.
